‘गिरफ्तार करके मुझे जलील करने की जरूरत नहीं’, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छलका पवन खेड़ा का दर्द

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नई दिल्ली: असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर पासपोर्ट को लेकर टिप्पणी करना कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को बहुत भारी पड़ता दिख रहा है। अपनी जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को पवन खेड़ा का दर्द नजर आया। सुनवाई के दौरान पवन खेड़ा ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि उन्हें गिरफ्तार करके जलील करने की जरूरत नहीं थी।

बता दें कि पवन खेड़ा ने दावा किया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा के पास तीन पासपोर्ट हैं। आरोप के बाद हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइंया सरमा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में खेड़ा के खिलाफ केस दर्ज कराया। इस मामले में ही खेड़ा सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां गुरुवार को उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हो रही थी। सुनवाई के दौरान खेड़ा ने शीर्ष अदालत को आगे बताया कि यदि उन्हें असम में अपने खिलाफ दर्ज मामले में अग्रिम जमानत नहीं मिलती है तो गिरफ्तारी-पूर्व जमानत का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।

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