छिंदवाड़ा में जंगली हाथी का किसान पर हमला, 60 साल के बुजुर्ग को सूंड से उठाकर पटका, खेत में फसल रौंदी

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छिंदवाड़ा के गांवों में जंगली हाथी की दहशत गहराती जा रही है। हाथी के हमले में दो ग्रामीण घायल हुए हैं, किसान पर हमले के बाद 60 वर्षीय बुजुर्ग को सूंड से उठाकर फेंक दिया, जबकि खेत में खड़ी डेढ़ एकड़ फसल रौंद दी गई..छिंदवाड़ा: एमपी के छिंदवाड़ा में जंगल और गांवों के आसपास जंगली हाथी की दहशत लगातार बढ़ती जा रही है। अमरवाड़ा से तामिया तक हाथी ने ग्रामीणों और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। चिखली चनेरी में किसान पर हमला करने के बाद बीजाढाना में 60 वर्षीय बुजुर्ग को सूंड से उठाकर दूर फेंक दिया। वहीं तामिया में हाथी ने डेढ़ एकड़ खड़ी फसल रौंद दी। लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने हाथी की गतिविधियों वाले इलाकों में निगरानी बढ़ा दी हैपहली घटना अमरवाड़ा वन क्षेत्र के चिखली चनेरी गांव की है। यहां खेत में काम कर रहे किसान सुरेश कुमरे पर जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया। हमले में किसान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण हाथी की मौजूदगी को लेकर सतर्क हो गए हैं।

धुंध में बैल चरा रहे बुजुर्ग को सूंड से उठाकर फेंका

दूसरी घटना बीजाढाना गांव की है। यहां 60 वर्षीय चतुर्दशी पिता दसनलाल शीलू दोपहर के समय धुंध के बीच अपने बैल चरा रहे थे। इसी दौराहादसे में बुजुर्ग के बाएं पैर में गंभीर चोट आई। फॉरेस्ट कर्मी सोनू भलावी ने तत्काल मदद करते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया।

डेढ़ एकड़ फसल हाथी ने कर दी तबाह

हाथी का खतरा सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। तामिया के कमडोरा निवासी किसान सतीश के खेत में घुसे हाथी ने करीब डेढ़ एकड़ खड़ी फसल रौंद दी। फसल बर्बाद होने से किसान को आर्थिक नुकसान हुआ है।

5 से 7 किलोमीटर के दायरे में निगरानी

पश्चिम वनमंडल अधिकारी साहिल गर्ग के अनुसार, हाथी की लगातार गतिविधियों को देखते हुए करीब 5 से 7 किलोमीटर के दायरे में सतर्कता बढ़ाई गई है। वन अमला हाथी की लोकेशन पर नजर रख रहा है। ग्रामीणों को जंगल और खेतों के आसपास अकेले नहीं जाने तथा हाथी दिखाई देने पर उसके करीब नहीं जाने की सलाह दी गई है।जांच के बाद मिलेगा मुआवजा

जुन्नारदेव एसडीएम राजनंदनी सिंह ने बताया कि हाथी के हमले और फसल नुकसान से प्रभावित लोगों के मामलों की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद नियमानुसार पात्र लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। वन विभाग के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती हाथी की लगातार बदलती लोकेशन पर नजर रखते हुए ग्रामीणों और किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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