पासपोर्ट बनवाने के नए नियमों का एमपी में क्या फर्क पड़ेगा? महंगी होंगी ये चीजें, जान लें नई फीस

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गुना: विदेश जाने की तैयारी कर रहे नागरिकों और पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए एक जरूरी खबर है। केंद्र सरकार ने आगामी 1 जुलाई से पासपोर्ट से जुड़ी सभी तरह की सेवाओं की फीस में एकमुश्त बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्रालय द्वारा पासपोर्ट नियम 1980 में आवश्यक संशोधन करते हुए इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

देश में करीब 14 साल के एक लंबे अंतराल के बाद यह बड़ा बदलाव किया गया है, इससे पहले साल 2012 में पासपोर्ट शुल्कों में आखिरी बार संशोधन किया गया था। नई दरों के प्रभावी होने के बाद अब नया पासपोर्ट बनवाने से लेकर खोए हुए पासपोर्ट को दोबारा प्राप्त करने तक के लिए आम जनता को काफी ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे।

सामान्य और तत्काल श्रेणी में इस तरह बढ़ी फीस

सरकार द्वारा जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार, सामान्य और तत्काल दोनों ही श्रेणियों के शुल्कों में बड़ा इजाफा किया गया है। अब तक 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए आवेदकों को 1500 रुपये देने होते थे, जो 1 जुलाई से बढ़कर सीधे 2500 रुपये हो जाएंगे। वहीं, तत्काल श्रेणी के तहत इसी 36 पेज के पासपोर्ट को बनवाने का खर्च 3500 रुपये से बढ़ाकर अब 5000 रुपये कर दिया गया है।

  • 1 जुलाई से पासपोर्ट की नई फीस लागू होगी।
  • 36 पेज पासपोर्ट: सामान्य ₹2500, तत्काल ₹5000।
  • 60 पेज पासपोर्ट: सामान्य ₹3500, तत्काल ₹6000।
  • खोने/डैमेज होने पर: रिप्लेसमेंट फीस ₹5000 से ₹8500 तक।
  • वैधता में बदलाव नहीं, सिर्फ शुल्क बढ़ाए गए हैं।

60 पेज का पासपोर्ट अब 6 हजार देने होंगे

इसके अलावा, बार-बार विदेश यात्रा करने वाले व्यवसायियों और नागरिकों के लिए जारी होने वाले 60 पन्नों के पासपोर्ट की सामान्य फीस को भी 2000 रुपये से बढ़ाकर अब 3500 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, 60 पेज के पासपोर्ट को तत्काल सेवा के जरिए जल्द से जल्द बनवाने के लिए अब 4000 रुपये के बजाय 6000 रुपये की भारी-भरकम राशि चुकानी होगी।

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