पुलिस डिपार्टमेंट के ड्राइवर के पास 300000000 की संपत्ति, 21 बैंक खाते, लोकायुक्त के रडार में कैसे फंसा फिरोज खान?

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देवास और इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कांस्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के 15 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। शुरुआती जांच में उनकी आय से 568% अधिक यानी करीब 30 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ है। परिवार के ही एक सदस्य की शिकायत पर यह बड़ी कार्रवाई की गई है।देवास: एमपी पुलिस में एक हेड कांस्टेबल के पास अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ है। देवास और इंदौर जिलों में खाकी की आड़ में खड़ा किए गए कथित अवैध साम्राज्य की भनक लोकायुक्त को जैसे ही लगी, तुरंत एक्शन प्लान तैयार हुआ। लोकायुक्त इंदौर और उज्जैन की संयुक्त टीम ने पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय इंदौर में पदस्थ हेड कांस्टेबल (ड्राइवर) फिरोज खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में ताबड़तोड़ कार्रवाई की। बुधवार सुबह करीब 6 बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई के तहत देवास और इंदौर के कुल 15 ठिकानों पर एक साथ सर्चिंग की गई। शुरुआती जांच में आरोपी के पास उसकी वैध आय से करीब 568 प्रतिशत अधिक यानी लगभग 30 करोड़ रुपये की अनुपातहीन संपत्ति मिलने की बात सामने आई है।

परिवार के सदस्य की शिकायत पर हुई कार्रवाई

लोकायुक्त सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब फिरोज खान के ही परिवार के किसी सदस्य ने उनके खिलाफ लोकायुक्त पुलिस को पुख्ता शिकायत दी। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने एक्शन लेते हुए लोकल पुलिस की टीमों के साथ मिलकर देवास और इंदौर में कई जगह एक साथ छापे मारे। देवास में आदर्श नगर स्थित उनके निवास के अलावा पुष्पकुंज कॉलोनी, विजय नगर, इंदिरा गांधी नगर, राधागंज और गजीपुरा समेत 11 ठिकानों पर जांच चल रही है। वहीं इंदौर के बाणगंगा, स्कीम नंबर 94 और श्रीनगर कॉलोनी में भी 4 ठिकानों पर सर्चिंग जारी है।नौकरी ड्राइवर की, साम्राज्य करोड़ों का

एसपी राजेश सहाय ने जानकारी दी कि फिरोज खान की लगभग 20 साल की सरकारी सेवा रही है। वेतन और अन्य वैध स्रोतों से उनकी कुल आय करीब 1.93 करोड़ रुपए आंकी गई है, जिसमें से केवल वेतन से लगभग 75 लाख रुपए की आय शामिल है। इसके मुकाबले उनके पास 30 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति मिलना पुलिस विभाग में चर्चा का विषय बन गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वे अक्सर नियमित ड्यूटी से दूर रहते थे लेकिन स्थानीय स्तर पर अपना गहरा प्रभाव बनाकर रखते थे।कंपनियों, फर्मों और 21 बैंक खातों का जाल

लोकायुक्त की शुरुआती जांच में फिरोज खान के कई व्यावसायिक कनेक्शन सामने आए हैं। उनके परिवार और परिचितों के नाम पर कई फर्में संचालित हो रही हैं, जिनमें साहिल ट्रेडिंग कंपनी, रोशनी सेल्स एंड सर्विस, रॉयल ग्रीन रियल स्टेट, ब्लैक कारपेट कंपनी और महाराजा रियल स्टेट शामिल हैं। पुलिस को उनके नाम पर 21 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जिनमें एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एचडीएफसी, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीएफसी, एसबीआई, कोटक महिंद्रा और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के खाते शामिल हैं। इसके अलावा छापे के दौरान ट्रक, कार और दोपहिया वाहनों समेत 7 गाड़ियां और फाइनेंस से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।सागौन की तस्करी से जमीनों के सौदों तक के आरोप

आरोप है कि फिरोज खान ने खातेगांव, कन्नौद और बागली के जंगलों में सागौन की लकड़ी की तस्करी करने वालों के साथ संपर्क साधकर बड़ी रकम जुटाई। इसके बाद उसने अपनी आर्थिक ताकत का इस्तेमाल कर विवादित जमीनों के सौदों, प्लॉटों और कब्जों के मामलों में दखल देना शुरू किया। सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में 21.75 बीघा कृषि भूमि के सौदे में भी उनका नाम सामने आया है, जहां एक परिचित महिला रोशनी वर्मा के जरिए एग्रीमेंट करवाए जाने की बात जांच में आई है। फिलहाल लोकायुक्त की टीमें तमाम दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्तियों की बारीकी से जांच कर रही हैं।

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