बालाघाट : वैक्सीनेशन को लेकर किए जा रहे नए नए प्रयोग

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जिले में वैक्सीनेशन की कमी को छुपाने और  वैक्सीनेशन केंद्रों में उमड़ रही भीड़ को काबू में करने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग द्वारा नए नए प्रयोग किए जा रहे हैं विभाग द्वारा किए जा रहे इन नए-नए प्रयोगों ने आम लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं जिसके चलते सोमवार को वैक्सीन लगाने के लिए पीजी कॉलेज पहुंचे कई लोगों को बिना वैक्सीन लगाए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। दरअसल स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को एक नया प्रयोग किया जहां उन्होंने वैक्सीनेशन के पूर्व स्लाट बुकिंग को अनिवार्य कर दिया। शहरी क्षेत्र के लोगों के लिए बनाया गया यह नियम दूर दराज से वैक्सीन लगाने के लिए पहुंचने वाले लोगों के लिए मुसीबत का सबब बन गया है वैक्सीन के पूर्व स्लाट बुक कराने के इस नियम के चलते पीजी कॉलेज में पहुंचे कई लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है जिन्होंने आधार कार्ड के आधार पर स्पॉट रजिस्ट्रेशन कर उन्हें तुरंत वैक्सीन लगाए जाने की मांग की है।आपको बताएं कि इसके पूर्व वैक्सीन लगाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने, फिर स्पॉट रजिस्ट्रेशन करने,और फिर टोकन व्यवस्था के आधार पर वैक्सीन लगाने प्रयोग किया गया था लेकिन यह प्रयोग विफल हो गया था जिसके चलते  वैक्सीनेशन की कमी को छुपाने और केंद्रों में उमड़ रही भीड़ को काबू में करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्लाट बुकिंग का नया प्रयोग किया गया है जहां स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयोग लोगों के लिए मुसीबत बन गया है क्योंकि ज्यादातर लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना या स्लाट बुक करना नहीं आता, वहीं कई लोगों के पास में एंड्रॉयड मोबाइल फोन नहीं है जिसके चलते वैक्सीन लगाने की चाहा लेकर आधार कार्ड के साथ पीजी कॉलेज केंद्र में पहुंचे ज्यादातर लोग बिना वैक्सीन लगाए ही वापस लौट गए जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग के इस नए प्रयोग पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए आधार कार्ड देख कर तुरंत वैक्सीन लगाने वाले नियम को लागू किए जाने की मांग की है


 जनजागरूकता की कमी के चलते पहला प्रयोग फेल
 बात अगर स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीनेशन को लेकर किए गए प्रयोग की करें तो स्वास्थ्य विभाग द्वारा वैक्सीनेशन के लिए सबसे पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन का प्रयोग किया गया।जहां वैक्सीनेशन को लेकर फैले तरह तरह के भृम, जन जागरूकता की कमी,और तकनीकी ज्ञान ना होने के चलते कई लोगो ने वैक्सीनेशन नहीं कराया जिससे विभिन्न केंद्र खाली खाली से नजर आ रहे थे वही लोग भी वैक्सीनेशन कराने नहीं आ रहे थे। जिससे भारी मात्रा में वैक्सीन बच रही थी। और स्वास्थ विभाग का यह प्रयोग असफल रहा जिसे सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्पॉट वैक्सीनेशन का प्रयोग किया गया था।


वैक्सीनेशन की कमी से दूसरा प्रयोग फेल
जन जागरूकता की कमी के चलते असफल हुए पहले प्रयोग को सफल बनाने और अधिक से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन कराने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के इस प्रयोग को बदलकर स्पॉट वैक्सीनेशन का नया प्रयोग किया लेकिन यह प्रयोग वैक्सीनेशन की कमी के चलते फेल हो गया। स्पॉट वैक्सीनेशन के इस नए प्रयोग तहत  अधिक से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन कराने के लिए नगर के विभिन्न स्थानों पर जगह-जगह  वैक्सीनेशन शिविर लगवाए गए जहां आधार कार्ड दिखाने पर स्पॉट रजिस्ट्रेशन कर लोगो का तुरंत वैक्सीनशन कर दिया जाता था वही लोगो मे  जागरूकता आने के चलते विभिन्न केंद्रों में भीड़ उमडऩे लगी और वैक्सीन कम होने के चलते ज्यादातर केंद्रों में विवाद होने शुरू हो गए। इस तरह स्वास्थ्य विभाग द्वारा किया गया दूसरा प्रयोग भी असफल रहा।वही लगातार केंद्रों में उमड़ रही भीड़ को कम करने,वैक्सीनशन की कमी को पूरा करने और रोजाना हो रहे विवादों से निजात पाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रयोग को भी बंद कर टोकन बांटने का एक और नया प्रयोग किया।


सीमित स्लॉट की वजह से तीसरा प्रयोग फेल
डोज की कमी से असफल हुए दूसरे प्रयोग को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टोकन बांटने का एक और नया प्रयोग किया गया लेकिन सीमित स्लॉट होने की वजह से तीसरा प्रयोग भी असफल रहा इसमें स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए प्रयोग में पूर्व से निर्धारित स्लाट के आधार पर केंद्र में पहुंचने वाले लोगों को टोकन बांट दिए जाते थे और जिन लोगों के पास टोकन होता था केवल उन्हीं लोगो का  वैक्सीनशन  किया जाता था लेकिन वैक्सीन के टीके कम होने और वैक्सीन लगाने वालों की संख्या अधिक होने के चलते टोकन प्राप्त करने के लिए विभिन्न केंद्रों पर भीड़ उमडऩे लगी और कई केंद्रों में हाथापाई तक हो गई , जिसपर अंकुश लगाने के लिए पुन: स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रयोग को बंद कर दिया वहीं सोमवार से नगरी क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य विभाग ने स्लाट बुकिंग का एक नया प्रयोग शुरू किया है लेकिन यह प्रयोग भी शुरू होते ही लोगों की अपेक्षाओं पर सफल नहीं हो पाया। वही लोगों से मिल रही प्रतिक्रिया के आधार पर स्वास्थ्य विभाग का यह प्रयोग भी और सफल माना जा रहा है।
कठिन प्रकिया से चौथा प्रयोग भी फेल

सीमित स्लॉट के चलते असफल हुए तीसरे प्रयोग को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा चौथा प्रयोग सोमवार से शुरू किया गया लेकिन विभाग के इस प्रयोग ने लोगों को हैरान व परेशान कर रखा है।जहां वैक्सीन लगाने पहुंच रहे लोगों से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराने, स्लाट बुक कराकर केंद्रों में पहुंचने को कहा जा रहा है लेकिन वैक्सीन लगाने वाले ज्यादातर लोगों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना और स्लाट बुक करना आता ही नहीं इसीलिए वे केंद्र आकर बिना वैक्सीन लगाए ही बैरंग लौटने को मजबूर हैं वहीं कई लोगों के पास में एंड्रॉयड फोन नहीं है जिसके चलते केंद्र में पहुंचने वाले कई लोग वैक्सीन नहीं लगा पा रहे हैं तो वही ऐसे कई लोग हैं जिन्हें ऑनलाइन कैफे में जाकर वैक्सीन लगाने के लिए स्लाट बुक करना पड़ रहा है,जिससे कैफे संचालक को स्लाट बुक करने के पैसे देने पड़ रहे है।जिसको लेकर लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। जब लोगों की प्रतिक्रिया ही इस नए प्रयोग को लेकर ठीक नहीं मिल रही है तो स्वास्थ्य विभाग का यह चौथा प्रयोग भी असफल माना जा रहा है।


केंद्र में खल रही अतिरिक्त कर्मचारी की कमी
आपको बताएं कि विभाग ने वैक्सीनशन के लिए स्लॉट बुक का नियम तो बना दिया है लेकिन केंद्र पर पहुंचने वाले लोगों को स्लाट बुक कैसे करना है इसकी जानकारी नहीं दी है वहीं केंद्र में पहुंचने वाले लोगों की मदद करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने केंद्र में अपना कोई कर्मचारी नहीं बैठाया है यदि केंद्र में कोई एक या दो अतिरिक्त कर्मचारी बैठा दीए जाते,और वे कर्मचारी स्लाट बुक करने में लोगो को मदद करते तो शायद केन्द्र में पहुचने वाले लोगो को परेशानी नही होती।वैक्सीनेशन लगाने के लिए पीजी कालेज पहुचने वाले ज्यादातर लोगो ने पूर्व की तरह आधार कार्ड देख कर स्पॉट रजिस्ट्रेशन कर वैक्सीनशन लगाने की व्यवस्था किए जाने की मांग की है।


हमे स्लॉट बुक करते नही आता-लक्ष्मी राउत
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान भरवेली निवासी श्रीमती लक्ष्मी राउत ने बताया कि वे सेकेंड डोज लगाने के लिए पीजी कॉलेज आई थी।हमे स्लाट बुक करते नहीं आता और ना ही यहां कोई हमारी मदद कर रहा है स्लाट बुक कराने में काफी दिक्कत हो रही है।


वैक्सीन कम होगी इसीलिए जटिल प्रक्रिया कर दिए हैं-रेखा मेश्राम
इस पूरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान श्रीमती रेखा मेश्राम ने बताया कि वैक्सीन लगाने के लिए आए थे लेकिन यह लोग बोल रहे हैं कि पहले स्लाट बुक कराओ हम पहली बार आए थे तो आधार कार्ड दिखाकर वैक्सीन लगाए थे।अब आधार कार्ड देखने पर भी वैक्सीनेशन नहीं कर रहे हैं हमें स्लॉट बुक करते नहीं आता कोई मदद भी नहीं कर रहा है इसलिए अब वापस जा रहे हैं हमारे हिसाब से पहले जैसा आधार कार्ड देख कर वैक्सीन लगाने का नियम बनाना चाहिए। हमें लगता है कि वैक्सीन कम होगी इसीलिए जटिल प्रक्रिया कर दिए हैं।


कीपैड वाले मोबाइल से स्लॉट बुक कैसे कराए -राजेश्वरी कटरे

वहीं मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान श्रीमती  राजेश्वरी कटरे ने बताया कि हम टीका लगाने आए थे लेकिन यह बोल रहे हैं कि पहले स्लॉट बुक कराओ हमारे पास कीपैड वाला मोबाइल है इसमें स्लाट बुक हम कैसे कराएं यह समझ नहीं आ रहा है।अब कैफे वाले के पास जाना पड़ेगा तो वह हम से पैसा ले लेगा हमारी मांग है कि आधार कार्ड दिखाकर टीका लगाने की पहली जैसी व्यवस्था बनानी चाहिए।


 5-स्लॉट खाली ही नहीं है तो बुक कैसे कराए-हीरालाल गेडाम
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान सोनगुड्डा से आए हीरालाल गेडाम ने बताया कि वैक्सीन का दूसरा डोज लगाने के लिए पीजी कॉलेज आए हैं सोनगुड्डा में 1 जुलाई से वैक्सीन नहीं आ रही है जिससे सेकंड डोज लगाने के लिए इतनी दूर आना पड़ा है यहां आए तो कर्मचारी बोल रहे हैं कि पहले स्लॉट बुक कराओ हम स्लाट बुक करार तो रहे हैं पर स्लाट खाली ही नहीं है इसलिए अब हमें वापस जाना पड़ेगा हमारी मांग है कि पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर वैक्सीन लगानी चाहिए।


स्लॉट बुक कराने किसी कर्मचारी को बैठाना चाहिए-भैयालाल राउत
वही मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान भैया लाल राउत ने बताया कि हम टीका लगाने आए थे लेकिन कर्मचारी बोल रहे हैं कि स्लाट बुक कराओ, हमें स्लॉट बुक करना आता ही नहीं। हमने 7अप्रैल को आधार कार्ड दिखाकर पहला डोज लगाए थे।अभी आधार कार्ड लेकर आए तो बोल रहे हैं कि पहले स्लॉट बुक कराओ फिर टीका लगाना। हमें स्लॉट बुक कराते नहीं आता इसलिए हम घर से वापस जा रहे हैं स्वास्थ्य विभाग ने स्लाट बुक कराने के लिए किसी कर्मचारी को बैठाना चाहिए।


स्लॉट कम है उत्साह ज्यादा है-उपलव

वही इस पूरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी परेश उपलव ने बताया कि स्लाट बुक कराने वाले नियम की जानकारी पहले ही पीआरओ के माध्यम से लोगों तक पहुंचा दी गई थी वहीं शहरी क्षेत्र के ज्यादातर लोगों के पास एंड्राइड मोबाइल है ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी ऑन स्पॉट वैक्सीन लगाई जा रही है 400 लोगों ने स्लाट बुक करके ही वैक्सीन लगाई है अब जब स्लाट ओपन होगा तो लोग फिर से स्लॉट बुक करा सकते हैं उन्होंने बताया कि वैक्सीन लगाने को लेकर लोगों में उत्साह ज्यादा है स्लाट की कैपेसिटी कम है इसीलिए समय पर स्लाट बुक करना चाहिए यदि 400 लोग स्लॉट बुक नहीं कराते तो हम पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर शाम 4बजे के बाद वेक्सीनेशन कर देते हैं उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के दस्तक अभियान सहित अन्य प्रकार की योजनाएं चल रही हैं इसीलिए स्लाट बुक कराने के लिए स्पेशल कोई कर्मचारी  बैठा नहीं सकते लेकिन केंद्र में समाजसेवी रहते हैं वे लोगों की मदद करते रहते हैं।

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