बैजू मोहगांव में मंदिर की भूमि से हटा अवैध कब्जा

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वारासिवनी। खैरलांजी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बैजू मोहगांव में बुधवार को प्रशासन ने कार्यवाही करते हुए वि_ल रुखमाई मंदिर की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया है। तहसीलदार दुलारीलाल परते के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी मशीन के जरिए अवैध कब्जे को जमींदोज कर दिया गया।

कोर्ट के आदेश पर हुई कार्यवाही

यह मामला मंदिर की भूमि पर अवैध निर्माण से जुड़ा था। जानकारी के अनुसार अभय पिता संजय चौरे के द्वारा मंदिर की भूमि पर १२ बाई १६ वर्ग फ ुट क्षेत्र में पक्के मकान का निर्माण किया जा रहा था। मंदिर समिति की शिकायत पर यह मामला तहसीलदार न्यायालय में चला जहाँ बेदखली के आदेश जारी हुए। इसके बाद कब्जाधारी ने एसडीएम कोर्ट में अपील की थी लेकिन वहां भी केस हारने के बाद तहसीलदार के बेदखली आदेश को यथावत रखा गया। कार्यवाही के दौरान मौके पर कब्जाधारी परिवार और परिजनों ने जमकर हंगामा और विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि तैनात पुलिस बल ने मुस्तैदी दिखाते हुए शांति व्यवस्था कायम की और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को अंजाम दिया। प्रशासन ने स्लैब सहित निर्माणाधीन पक्के मकान को पूरी तरह ढहा दिया है।

गरीब परिवार का अतिक्रमण हटाकर अच्छा नही किये- कमलेश लिल्हारे

ग्रामीण कमलेश लिल्हारे ने बताया की करीब ९० वर्ष से ज्यादा का समय इन्हें यहां रहते हो गया हम बचपन से देख रहे हैं। कड़ी मेहनत कर खून पसीने की कमाई और कर्ज लेकर उन्होंने मकान बनाया था। यह गांव के निवासी नहीं थे पटेल के द्वारा इन्हें लाकर यहां पर जमीन दी गई थी। इस प्रकार से जो कार्यवाही की गई है वह ठीक नहीं है यहां कितनी मंदिर की जमीन है उसकी जानकारी तो नहीं है। पर बताते हैं कि करीब २ एकड़ लंबा पट्टा है इस गरीब का मकान तो गिरा दिए बाकी दूसरे मकान को क्यों नहीं गिराया गया। गांव में गांव के व्यक्ति को साथ देना चाहिए।

हमारे पुश्तैनी मकान को अतिक्रमण बताकर हटाया गया है- जितेंद्र चौरे

पीडि़त जितेंद्र चौरे ने बताया कि गांव में वि_ल रुकमाई मंदिर की जमीन में हमारा मकान बताते हैं। जबकि यह पुश्तैनी मकान है जिसे इन्होंने बनाते समय नहीं रोका और बनकर तैयार हुआ स्लैप डालें तो बुलडोजर से लाकर तोड़ दिए। हमें इस संबंध में कोई नोटिस नहीं दिया गया केवल कोटवार ने आकर बताया कि घर पर रहना मकान गिराना है। यहां पूर्वजों का निवास है पुराना मकान मिट्टी का गिर गया था तो नया बना रहे थे। गांव के रामचंद पटेल के नाम पर यह भूमि थी उन्होंने बाहर गांव से लाकर हमारे पूर्वजों को यहां बैठाया था और फि र मंदिर को यह भूमि दान दे दी।

सूचना देने के बाद ही अवैध अतिक्रमण को हटाया गया है- तहसीलदार

नायब तहसीलदार दुलारीलाल परते ने बताया कि बैजू मनगांव में खसरा नंबर २३५/४ का रकबा १.०६० हेक्टर में १२ बाई १६ में कब्जा अभय पिता संजय चौरे का था। इन्हें मकान बनाने से पहले ही रोका गया था यह लोग नहीं माने प्रकरण तहसीलदार ने खारिज कर दिया। अपील एसडीएम के यहाँ हुई वहां भी खारिज हो गया वर्ष २०२५ में फि र तहसीलदार का आदेश यथावत रखा गया। तो आज हमने इसे हटाया है यह जमीन वि_ल भगवान मंदिर और कलेक्टर के नाम पर है। इसकी सूचना इन्हें बाकायदा दी गई थी परंतु इन्होंने निर्माण नहीं रोका और ना ही अतिक्रमण हटाया तो आज हमें इसे हटाना पड़ा।

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