भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व

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बाजार हुआ गुलजार जमकर हुई खरीदी

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर एवं आसपास के संपूर्ण क्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि को अत्याचारी कंस का वध करने हेतु अवतरित हुए भगवान श्री हरि के रूप का जन्मोत्सव मनाने के लिए हर ओर अपार उत्साह देखा गया। स्थानीय कृष्ण भक्तों ने क्षेत्र में मथुरा नगरी जैसा भक्तिमय एवं पावन वातावरण निर्मित कर दिया।

भक्तो ने स्थापित की मनमोहक प्रतिमाएं

पर्व को लेकर अलसुबह से ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। प्रात:काल स्नान ध्यान के पश्चात हिंदू धर्मावलंबियों ने बाजारों और मूर्तिकारों के निवास स्थान से भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न मनमोहक मुद्राओं वाली प्रतिमाएं विधि विधान से खरीदीं। मूर्तिकारों के यहां पसंदीदा और आकर्षक प्रतिमाएं लेने के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान बाल.गोपाल की सुंदर मूरतों को आदर पूर्वक अपने.अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में विराजित किया।

विशेष साज.सज्जा कर मध्यरात्रि में मनाया जन्मोत्सव

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर नगर के प्रमुख कृष्ण और राम मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया। कई स्थानों पर भव्य झांकियां प्रस्तुत की गईं। श्रद्धालुओं ने भगवान के जन्म समय तक निर्जला एवं विशेष उपवास रखा। मध्यरात्रि को जैसे ही भगवान का जन्म हुआ पूरा नगर नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। भक्तों ने कान्हा की प्रतिमा को पालने और झूले में झुलाया। रात्रि भर मंदिरों एवं पूजा स्थलों पर भजन कीर्तन का क्रम चलता रहा जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। नन्हे मुन्ने बच्चे श्री कृष्ण का रूप धारण कर बाल.लीलाएं प्रदर्शित करते दिखे।

श्रीकृष्ण मय हुआ पूरा नगर

सार्वजनिक समितियों के द्वारा ढोल नगाड़ों की थाप पर नाचते.गाते हुए भगवान की प्रतिमाओं को भव्य पंडालों तक लाया गया। नगर के मुख्य मागों, चौक.चौराहों पर हर कोई कृष्ण भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। सडक़ों के किनारे लाई, चना, झूला और पूजन सामग्री की दर्जनों दुकानें सजी रहीं। पूरे दिन और रात क्षेत्रवासी पूरी तरह से भक्ति रस में सराबोर रहे और महापर्व को अभूतपूर्व उत्साह के साथ पूरा किया।

महगांई की मार से परेशान है मुर्तिकार – शेखर ढेकने

मूर्तिकार शेखर ढेकने ने बताया कि जन्माष्टमी पर सभी लोग प्रतिमा को आज ले जा रहे हैं और बड़ी मूर्तियां भी जा रही है। वैसे तैयार तो भगवान कृष्ण की सभी मूर्तियां हो गई है कुछ बड़ी मूर्तियां भी हैं। इसमें महंगाई मिट्टी लकड़ी रंग में बढ़ गयी हैं जिससे १० प्रतिशत महंगाई मूर्ति में हैं क्योंकि जो सामान आ रहा है उसमें महंगाई स्पष्ट है। परंतु अब धार्मिक मान्यता भी बढ़ रही है मूर्तियां ज्यादा बनी है यहां की मूर्तियां बालाघाट तक जाती है। इस दौरान सबसे बड़ी समस्या मौसम बना हुआ है इस बारिश के मौसम में मूर्तियों को तो बाजार तक ले जाना एक बड़ी चुनौती है तो वहीं आगामी गणेश उत्सव के लिए भी तैयारी चल रही है तो यह मूर्तियां सुख नहीं रही है। शासन से भी कोई सहयोग नहीं है ऐसे में हम अपनी जीविका उपार्जन के लिए यह काम कर रहे हैं।

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