Madhu Kambikar Dies At 73: मशहूर एक्ट्रेस और लावणी कलाकार मधु कांबीकर का 73 साल की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार मधु के जाने से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी है।Madhu Kambikar Dies At 73: मराठी सिनेमा की मशहूर एक्ट्रेस और लावणी नृत्य से लोगों का दिल जीतने वाली मधु कांबीकर (Madhu Kambikar) का 73 साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने पुणे में अपने घर पर आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से बीमार थीं। उनके जाने से मराठी फिल्म जगत में शोक की लहर है। मधु कांबीकर ने अपने शानदार अभिनय और लावणी डांस से कई सालों तक लोगों का मनोरंजन किया। उनके निधन से लोगों को झटका लगा है। आइए पूरी बात जानते है इस रिपोर्ट में.मधु कांबीकर का निधन
एक्ट्रेस मधु कांबीकर ने मराठी फिल्मों, नाटक और ट्रेडिशनल डांस के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। फिल्मों में उन्होंने मां और सास जैसे कई किरदार निभाए, जिन्हें दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनकी खासियत थी कि वह हर किरदार को इस तरह निभाती थीं कि वह असली जिंदगी का हिस्सा लगता था। छोटे किरदारों में भी वह अपनी छाप छोड़ जाती थीं। ‘झपाटलेला’, ‘देबू’, ‘बिनकामाचा नवरा’, ‘माझा चकुला’ और ‘एक होता विदूषक’ उनकी यादगार फिल्मों में शामिल हैं। इन फिल्मों में अपने शानदार अभिनय से उन्होंने दर्शकों का दिल जीता। मधु कांबीकर की जिंदगी में 27 नवंबर 2016 का दिन एक बड़ा मोड़ लेकर आया। करीब 12 साल बाद वह मुंबई के माटुंगा स्थित यशवंत नाट्य मंदिर में आयोजित ‘लावण्यसंगीत’ कार्यक्रम के जरिए मंच पर लौटी थीं। कार्यक्रम के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने लगी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपना भैरवी कार्यक्रम पूरा किया। इसके बाद मेकअप रूम में पहुंचते ही उन्हें स्ट्रोक आया, जिसका असर उनके दाहिने हाथ पर पड़ा। इस घटना ने उनकी जिंदगी बदल दी। धीरे-धीरे उनकी सेहत ऐसी हो गई कि उनके लिए अभिनय करना, नाचना और मंच पर प्रस्तुति देना मुश्किल हो गया। आखिरकार उन्हें अपने उस काम से दूर होना पड़ा, जो उनकी पहचान और जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा था।
मराठी फिल्म जगत में उनके लंबे योगदान को देखते हुए मधु कांबीकर को 2018 में जी चित्र गौरव अवॉर्ड्स में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड के लिए चुना गया था। हालांकि, खराब सेहत के कारण वह खुद यह सम्मान लेने समारोह में नहीं पहुंच सकीं। उनकी बहू शीतल जाधव ने उनकी ओर से यह पुरस्कार स्वीकार किया। बता दें कि सोशल मीडिया पर तमाम लोग अब मधु कांबीकर को नम आंखों से याद कर रहे हैं।







































