‘मुझे लात मारने से ऑटोमेटिकली EVM चेंज हो जाएगा क्या? ‘ममता दीदी’ ने लगाया आरोप तो हिमंता ने दे दिया जवाब

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पश्चिम बंगाल में वामदलों और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लंबे शासन के बाद पहली बार भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। कल आए विधानसभा परिणामों के बाद हिमंत सरमा ने टाइम्स नाउ नवभारत की ग्रुप एडिटर इन चीफ नाविका कुमार से एक्सक्लूसिव बातचीत की। इस दौरान उन्होंने असम में प्रचंड जीत के साथ ही बंगाल की ऐतिहासिक जीत और ममता बनर्जी के धक्का-मुक्की और टीएमसी के एजेंट्स को मतगणना स्थल पर न जाने देने को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर खुलकर बात की। ममता बनर्जी के लात मारने वाले आरोपों पर हिमंत ने कहा कि लात मारने से ईवीएम नहीं चेंज हो जाता।

टाइम्स नाउ नवभारत से बात करते हुए हिमंत सरमा ने कहा कि राहुल गांधी और ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए ‘जनादेश चोरी’ के आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि जब ममता खुद स्ट्रांग रूम की रखवाली कर रही थीं,तो सवाल कैसा? विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए हिमंत ने कहा कि जब ममता बनर्जी खुद अपनी भवानीपुर सीट से चुनाव हार गई हैं,तो ऐसे में इन आरोपों का कोई आधार ही नहीं बचता।

ममता बनर्जी खुद कर रही थीं स्ट्रांग रूम की निगरानी

जब उनसे सवाल किया गया कि राहुल गांधी कह रहे हैं कि बंगाल में वर्डिक्ट चोरी हुआ है? इस पर हिमंत सरमा ने कहा कि चुनाव में 95% मतदान हुआ था और ममता बनर्जी ने स्वयं स्ट्रांग रूम की निगरानी की थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जब स्ट्रांग रूम की सुरक्षा खुद उनके हाथों में थी, तो अब उसमें गड़बड़ी की शिकायत करने का कोई मतलब नहीं है।

एजेंटों को लात मारने और ईवीएम पर उठाए गए सवालों का उड़ाया मज़ाक

आगे ममता ‘दीदी’ के इस दावे पर कि उनके एजेंटों को पोलिंग बूथ के अंदर नहीं जाने दिया गया और उन्हें लात मारी गई,हिमंता ने कड़ा प्रहार करते हुए साफ किया कि हॉल के बाहर किसी एजेंट को लात मारे जाने से अंदर रखी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) नहीं बदल जाती। उन्होंने इसे एक ‘बचकाना आरोप’ बताते हुए सवाल किया कि एजेंट के साथ हुई मारपीट का ईवीएम मशीन से क्या सीधा संपर्क है? उन्होंने कहा,’लात मारने से ईवीएम चेंज होगा क्या?लात के साथ ईवीएम का क्या कनेक्शन है? मान लीजिए काउंटिंग हॉल के बाहर मुझे किसी ने लात मारा। बट मुझे लात मारने से ऑटोमेटिकली इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन चेंज हो जाएगा क्या? आप बोलो कि ईवीएम को लात मारा तब जाके कुछ एलिगेशन होगा। आप बोलते हैं कि एजेंट को लात मारा तो एजेंट का लात मारने का ईवीएम का क्या संपर्क है?’

ईवीएम सुरक्षा के तीन स्तरीय घेरे का दिया हवाला

एजेंटों को काउंटिंग बूथ के अंदर न जाने देने के सवाल पर हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि किसी को भी काउंटिंग बूथ के अंदर जाने की अनुमति नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग की स्टैंडर्ड गाइडलाइंस का जिक्र करते हुए साफ किया कि ईवीएम के पास जाने की अनुमति किसी को नहीं होती और वहां तीन परतों वाली सख्त सुरक्षा व्यवस्था होती है। इस सुरक्षा में पहला राउंड राज्य पुलिस का,दूसरा सीएपीएफ (CAPF) का और तीसरा एक क्लोज सर्कल बैरियर होता है। एजेंटों को इन तीनों लेयर के बाहर ही रहना होता है

‘परीक्षा में फेल होने वाले बच्चे जैसे बहाने बना रहा है विपक्ष’

विपक्ष द्वारा बीजेपी की जीत को नाजायज ठहराने की कोशिशों पर बोलते हुए हिमंता ने कहा कि चुनाव हारने के बाद राजनेता अक्सर सदमे में होते हैं और उन्हें कुछ न कुछ बोलना ही होता है। वैसे ही आज टीएमसी के नेता और ममता बनर्जी कर रही हैं। उन्होंने इस स्थिति की तुलना उस बच्चे से की, जो परीक्षा में फेल होने के बाद अपने माता-पिता के सामने बुखार आने या पेपर खराब होने के बहाने बनाता है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव के बाद हारने वाली पार्टी अक्सर इसी तरह के बयान देती है।

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