भारत में डिजिटल इकोनॉमी के तेजी से विस्तार के साथ डिजिटल विज्ञापन बाजार भी तेज रफ्तार से बढ़ रहा है। बाजार अनुसंधान कंपनी RedSeer Consulting की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत का डिजिटल विज्ञापन बाजार अगले पांच वर्षों में दोगुना होकर 2030 तक 22 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
डिजिटल विज्ञापन पर लगातार बढ़ रहा खर्च
पीटीआई (भाषा) के अनुसार, रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल विज्ञापन खर्च की वृद्धि दर व्यापक अर्थव्यवस्था की तुलना में कहीं अधिक तेज है। साल 2025 में यह बाजार लगभग 11 अरब डॉलर का था और इसमें 10 से 15 प्रतिशत की वार्षिक संयुक्त वृद्धि दर (CAGR) दर्ज होने की उम्मीद है। इस हिसाब से 2030 तक इसका आकार 19 से 22 अरब डॉलर के बीच हो सकता है।
डिजिटल विज्ञापन सेक्टर लगातार हो रहा मजबूत
रेडसीर कंसल्टिंग में वरिष्ठ सलाहकार Madhav Gulati ने बताया कि डिजिटल विज्ञापन सेक्टर लगातार मजबूत हो रहा है और आने वाले समय में यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बन जाएगा।
वैश्विक स्तर पर भी डिजिटल विज्ञापन का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में कुल वैश्विक विज्ञापन खर्च में डिजिटल सेगमेंट की हिस्सेदारी 70 से 75 प्रतिशत के बीच रही। इतना ही नहीं, यह सेक्टर वैश्विक वास्तविक जीडीपी की तुलना में 3 से 5 गुना तेजी से बढ़ रहा है, जो इसके तेजी से विस्तार का संकेत है।
इस बाजार में सबसे आगे अमेरिका
अगर क्षेत्रीय हिस्सेदारी की बात करें तो अमेरिका इस बाजार में सबसे आगे है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 46 प्रतिशत है। इसके बाद चीन का स्थान आता है, जिसकी हिस्सेदारी करीब 24 प्रतिशत है। वहीं भारत की हिस्सेदारी फिलहाल करीब 1 प्रतिशत है, लेकिन तेजी से बढ़ते इंटरनेट यूजर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के कारण इसमें तेजी से इजाफा होने की संभावना है।
भारत में स्मार्टफोन और इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, सोशल मीडिया का विस्तार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता डिजिटल विज्ञापन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। कंपनियां अब पारंपरिक विज्ञापन की बजाय डिजिटल माध्यमों को ज्यादा प्राथमिकता दे रही हैं, क्योंकि यहां टारगेट ऑडियंस तक पहुंचना आसान और प्रभावी होता है।










































