एसडीआरएफ के पास 18 मोटरबोट मशीन, चालू सिर्फ नौ, जवानों की कमी भी बन रही बाधक

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जबलपुर। स्टेट डिसास्टर रिस्पांस फोर्स यानि एसडीआरएफ जबलपुर के जवान बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद लगातार बचाव कार्य में जुटे रहे। गुरुवार शाम करीब साढ़े छह बजे घटना की सूचना मिलते ही कुछ ही घंटों में दल उपकरणों के साथ मौके पर पहुंच गया और राहत कार्य शुरू कर दिया।

गहन तलाशी के लिए संसाधन अपर्याप्त रहे

नेशनल डिसास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) के साथ संयुक्त अभियान भी चलाया गया। हालांकि शवों की तलाश के दौरान कई जरूरी उपकरणों की कमी महसूस हुई। घटनास्थल पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, क्रूज तक पहुंचने और उसकी गहन तलाशी के लिए संसाधन अपर्याप्त रहे।

ज्यादा समस्या प्रशिक्षित जवानों की कमी

जांच में यह भी सामने आया कि उपकरणों की कमी से ज्यादा समस्या प्रशिक्षित जवानों की कमी है। जिले की करीब 25 लाख आबादी के हिसाब से जहां 100 से अधिक एसडीआरएफ जवानों की जरूरत है, वहीं वर्तमान में केवल 10 से 12 जवान ही तैनात हैं। होमगार्ड के 200 से अधिक जवान जरूर हैं, लेकिन उनके पास आधुनिक बचाव उपकरण और प्रशिक्षण का अभाव है।

एसडीआरएफ के पास कुल 17 बोट हैं

बाढ़ और जल दुर्घटनाओं में अहम भूमिका निभाने वाली मोटरबोट और बोट की स्थिति भी चिंताजनक है। एसडीआरएफ के पास कुल 17 बोट हैं, जिनमें से केवल 7 ही चालू हालत में हैं। इसी तरह 18 मोटरबोट मशीन दर्ज हैं, लेकिन उपयोग योग्य सिर्फ नौ हैं। एसडीआरएफ स्टोर प्रभारी एएसआई रामजी चौधरी के अनुसार विभाग के पास लाइफ जैकेट, लाइफ रिंग, टॉर्च, रेस्क्यू उपकरण, ऑक्सीजन सिलेंडर, सर्च लाइट, स्ट्रेचर, इलेक्ट्रॉनिक ड्रिल मशीन सहित करीब 500 से अधिक उपकरण उपलब्ध हैं और उनकी संख्या भी पर्याप्त है।

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