नई दिल्ली: सोने के आयात को कम करने के लिए सरकार ने हाल में इंपोर्ट ड्यूटी में भारी इजाफा किया था। इससे देश में सोने की बिक्री में भारी गिरावट आई है। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक 27 मई को खत्म हुए पखवाड़े में सोने की डिमांड गिरकर 7.5 टन रह गई है जबकि एक साल पहले यह करीब 25 टन थी। सरकार ने 13 मई को सोने पर आयात शुल्क यानी इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी थी।
ईटी की एक रिपोर्ट में इंडिया बुलियन एंड जूलर्स एसोसिएशन (IBJA) के नेशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता के हवाले से बताया गया है कि सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाए जाने के बाद डिमांड में 70 फीसदी गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा मार असंगठित कारोबार पर पड़ी है जो कुल ट्रेड का करीब 65 फीसदी है। देश में सोने का सालाना खपत 800 से 850 टन है। शुक्रवार को मुंबई के स्पॉट मार्केट में 999 शुद्धता वाला सोना 1.57 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर कर रहा था। इसमें जीएसटी शामिल नहीं है।मोदी की अपील का असर
गोल्ड जूलरी रिटेल चेन जॉयलुक्कास के चेयरमैन जॉय अलुक्कास का कहना है कि सोने की मांग में कमी के पीछे कई कारण हैं। उन्होंने कहा, ‘केवल इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के कारण ही सोने की डिमांड प्रभावित नहीं हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना खरीदने से एक साल तक परहेज करने की अपील का भी असर पड़ा है। जॉयलुक्कास में डिमांड में 35 फीसदी से ज्यादा गिरावट आई है। अभी यह साफ नहीं है कि इसमें आगे और गिरावट आएगी या नहीं।’










































