SBI Profit in NSE IPO : देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का IPO जल्द ही आम लोगों के लिए निवेश के लिए खुलने वाला है। लेकिन, जब आम लागे इसमें निवेश करेंगे, तो कई बड़े निवेशक इससे बाहर निकलेंगे। क्योंकि, यह पूरी तरह एक ऑफर फॉर सेल (OFS) इश्यू है। यानी पब्लिक सब्सक्रिप्शन से जो रकम मिलेगी, वह उन शेयर धारकों को मिलेगी, जो IPO में अपने शेयर बेच रहे हैं।
SBI के लिए जैकपॉट
NSE का करीब ₹30,000 करोड़ का IPO देश के इतिहास के सबसे बड़े इश्यूज में शामिल होगा। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के लिए यह IPO किसी जैकपॉट से कम नहीं है। क्योंकि, इसकी वजह से बैंक को 2 करोड़ रुपये के निवेश के बदले करीब 5 हजार करोड़ रुपये मिलने जा रहे हैं। दशकों पहले SBI की तरफ से किए गए निवेश पर ऐसा रिटर्न मिलने जा रहा है, जिसकी कल्पना भी किसी ने नहीं की होगी। अगर इस रिटर्न को फीसदी में देखें, तो 2 करोड़ के निवेश पर SBI को 256,775% का अकल्पनीय रिटर्न मिलने जा रहा है।
SBI ने कितने में खरीदे शेयर
SBI ने 1993 से 1999 के बीच NSE के 24,750,000 इक्विटी शेयर खरीदे थे । खरीद की कुल कीमत 1.98 करोड़ रुपये रही। इस तरह SBI के पास मौजूद NSE Share की औसत कीमत महज 80 पैसे प्रति शेयर है। अनलिस्टेड मार्केट में NSE का शेयर ₹2,055 पर ट्रेड कर रहा है। जबकि, NSE की पीयर कंपनी BSE का शेयर करीब 4000 रुपये प्रति शेयर के आसपास है। इस तरह NSE में SBI के 2 करोड़ रुपये निवेश की वैल्यू अब करीब 5000 करोड़ रुपये पहुंच गई है। यह आंकड़ा SBI की तरफ से OFS में बेचे जाने वाली हिस्सेदारी के आधार पर है। इसमें बचे हुए शेयरों की वैल्यू को नहीं जोड़ा गया है।
| कंपनी/संस्था | लागत | अनुमानित रिटर्न/गुना | स्थिति (Action) |
|---|---|---|---|
| State Bank of India | 80 पैसे | 2,568 गुना (256,775% प्रॉफिट) | 2.47 करोड़ शेयर बेचेगी |
| New India Assurance एवं National Insurance Company | 32 पैसे | 6,422 गुना रिटर्न | अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेचेंगे |
| Stock Holding Corporation of India | 46 पैसे | 4,467 गुना रिटर्न | करीब 1.1 करोड़ शेयर बेचेगी |
| Temasek Holdings | – | 33 गुना (33x) रिटर्न | अरंडा इन्वेस्टमेंट्स के जरिए 1.12 करोड़ शेयर बेचेगी |
| Morgan Stanley | – | 31 गुना (31x) रिटर्न | अपनी हिस्सेदारी बेचकर बाहर निकलेगी |
| Life Insurance Corporation of India | 1992 की खरीद | बंपर अकाउंटिंग गेन (वैल्यू री-एसेसमेंट) | OFS में हिस्सा नहीं लेगी, अपनी ~11% हिस्सेदारी बरकरार रखेगी |
कौन कितने शेयर बेच रहा
SBI के अलावा और भी कई निवेशक हैं, जो IPO के जरिये NSE में अपनी हिस्सेदारी घटा रही हैं। SBI के अलावा New India Assurance और National Insurance ने 32 पैसे प्रति शेयर की लागत पर निवेश किया था, जिससे उन्हें करीब 6,422 गुना रिटर्न मिलने का अनुमान है। Stock Holding Corporation of India को भी 46 पैसे की लागत पर खरीदे गए शेयरों पर करीब 4,467 गुना रिटर्न मिल सकता है।
विदेशी निवेशकों की भी होगी मौज
विदेशी निवेशकों में Temasek Holdings और Morgan Stanley को क्रमशः 33 गुना और 31 गुना रिटर्न मिलने की संभावना है। वहीं, LIC, जिसने 1992 में NSE में निवेश किया था, इस OFS में अपने शेयर नहीं बेचेगी और करीब 11% हिस्सेदारी बनाए रखेगी। हालांकि, NSE की वैल्यूएशन में भारी उछाल के कारण LIC को अपनी हिस्सेदारी पर बड़ा अकाउंटिंग गेन और वैल्यू री-एसेसमेंट का लाभ मिलेगा।










































