Gold Import Duty : देश में सोने पर आयात (Gold Import) शुल्क बढ़ाए जाने के बाद इसके आयात में भारी कमी देखने को मिली है। सरकार ने 13 मई से सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। इसके बाद एक महीने के भीतर सोने का आयात करीब 70 प्रतिशत घट गया है। सरकारी अधिकारी के अनुसार, पहले जहां हर महीने 75 से 100 टन सोना आयात किया जाता था, वहीं अब यह घटकर केवल 25 से 30 टन रह गया है।
कीमत बढ़ने से आयात का मूल्य बढ़ा
हालांकि मात्रा के हिसाब से सोने का आयात कम हुआ है, लेकिन इसकी कीमत में बढ़ोतरी के कारण आयात का कुल मूल्य बढ़ गया है। मई महीने में सोने का आयात मूल्य सालाना आधार पर 34 प्रतिशत बढ़कर 3.41 अरब डॉलर पहुंच गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की ऊंची कीमतों के कारण आयात का मूल्य बढ़ा है, जबकि वास्तविक मात्रा में कमी आई है।
अप्रैल-मई में आयात 60 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा
न्यूज एजेंसी-पीटीआई भाषा के मुताबिक सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष के पहले दो महीनों अप्रैल और मई के दौरान सोने का आयात 60.14 प्रतिशत बढ़कर 9.04 अरब डॉलर हो गया। इससे साफ है कि ऊंची कीमतों के कारण आयात बिल में वृद्धि हुई है। हालांकि सरकार का मानना है कि बढ़े हुए आयात शुल्क का असर आने वाले महीनों में और स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
पिछले वित्त वर्ष में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा आयात
वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात 24 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि मात्रा के लिहाज से इसमें 4.76 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और कुल आयात 721.03 टन रहा। इसका मतलब है कि सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण कम मात्रा के बावजूद आयात मूल्य नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता भारत
भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है। देश में सोने की मांग मुख्य रूप से आभूषण उद्योग और पारंपरिक खरीदारी से जुड़ी हुई है। शादी-ब्याह और त्योहारों के दौरान सोने की खरीदारी में काफी बढ़ोतरी होती है। इसी वजह से भारत को हर साल बड़ी मात्रा में सोना आयात करना पड़ता है।
विदेशी मुद्रा बचाने की सरकार की कोशिश
सोने के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। सरकार का मानना है कि गैर-जरूरी आयात कम करके विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लोगों से सादगी अपनाने और सोने की अनावश्यक खरीद कम करने की अपील कर चुके हैं। वर्तमान में देश के कुल आयात में सोने की हिस्सेदारी 5 प्रतिशत से अधिक है।
पश्चिम एशिया की स्थिति से बढ़ सकती है चिंता
पश्चिम एशिया में जारी अनिश्चितताओं के कारण भारत की आयात लागत बढ़ने की आशंका है। ऐसे में सरकार चाहती है कि विदेशी मुद्रा का उपयोग कच्चे तेल, उर्वरक, औद्योगिक कच्चे माल और पूंजीगत वस्तुओं जैसे जरूरी आयातों पर प्राथमिकता के साथ किया जाए। ये वस्तुएं देश की आर्थिक गतिविधियों, उत्पादन और खाद्य सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। इसी उद्देश्य से सरकार सोने के आयात को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठा रही है।










































