Juhu Pushpa Narsi Ground: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में नए खुलासे हुए हैं। जानिए आरोपियों की रेकी, एफआईआर के ब्योरे और मुंबई पुलिस की जांच से जुड़ी पूरी जानकारी।Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ (Tiger Shroff) पर हुए फायरिंग मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई चौंकाने वाली और अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। मुंबई पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर इस पूरे षड्यंत्र की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
आरोपियों की रेकी और घटनाक्रम का खुलासा
सूत्रों के अनुसार, आरोपी शूटर्स ने सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया:
दोबारा रेकी: 18 अक्टूबर को आरोपी शूटर शाम करीब 4:30 बजे ही जुहू स्थित पुष्पा नरसी पार्क के गेट के आसपास घूमते हुए देखे गए। सीसीटीवी फुटेज में वे बार-बार गेट के अंदर झांकते नजर आए, जिससे पुलिस को अंदेशा है कि वे टाइगर की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।शंका: पुलिस को यह भी आशंका है कि मुख्य हमलावरों के अलावा कुछ अन्य लोग भी टाइगर की रेकी कर रहे थे और उनकी पल-पल की जानकारी हमलावरों तक पहुंचा रहे थे। अब पुलिस आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की मदद से उनके नेटवर्क को खंगाल रही है।
FIR के मुख्य बिंदु और चश्मदीद विवरण
प्राथमिकी (FIR) और ड्राइवर के बयानों के अनुसार घटना का ब्योरा इस प्रकार है:
पुराना ड्राइवर: कार चला रहे 48 वर्षीय ड्राइवर फिरदौस इब्राहिम बलोच पिछले 28 साल से टाइगर श्रॉफ के परिवार के साथ काम कर रहे हैं।
फायरिंग का तरीका: फुटबॉल ग्राउंड से निकलने के बाद जैसे ही कार बाईं तरफ मुड़ी, दो हमलावरों ने सामने और बाईं ओर से ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
हमलावरों का हुलिया: एक आरोपी ने सफेद फूलों वाली शर्ट और काली पैंट, जबकि दूसरे ने हल्के नीले रंग की फुल स्लीव शर्ट और काली पैंट पहन रखी थी। वहीं, तीसरा आरोपी चॉकलेटी रंग की टी-शर्ट और ग्रे पैंट पहने मोटरसाइकिल के साथ इंतजार कर रहा था, जिसने फायरिंग के बाद दोनों को भागने में मदद की।
चोटें: इस हमले में ड्राइवर फिरदौस बलोच की बाईं कलाई में गोली लगी, जो उनके फोरआर्म में फंस गई, साथ ही उनके दाहिने हाथ की अनामिका उंगली में फ्रैक्चर भी हुआ। शिकायत में टाइगर के सीने और दाहिने हाथ में भी चोट लगने का जिक्र है।
अस्पताल तक का सफर और भ्रम की स्थिति
पटाखों की गलतफहमी: घटना के समय ग्राउंड पर एक अन्य फुटबॉल टीम के सदस्य का जन्मदिन मनाया जा रहा था और कुछ मिनट पहले ही पटाखे फोड़े गए थे। गोलियों की आवाज सुनकर शुरुआत में लोगों को लगा कि पटाखे फूट रहे हैं, लेकिन जब टाइगर पर फायरिंग और ड्राइवर के घायल होने की खबर फैली, तो अफरातफरी मच गई।
अस्पताल रवानगी: फायरिंग के तुरंत बाद ड्राइवर अपनी तरफ का दरवाजा खोलकर बाहर आए, जिसके बाद टाइगर खुद ड्राइवर की सीट पर बैठे और घायल ड्राइवर को अपनी ही BMW कार से सांताक्रूज पुलिस स्टेशन ले गए। इसके बाद पुलिस दोनों को इलाज के लिए सांताक्रूज पश्चिम स्थित नानावटी अस्पताल ले गई।
पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि टाइगर हर रविवार को शाम 5 से 7 बजे के बीच पुष्पा नरसी फुटबॉल ग्राउंड खेलने आते थे, और इस रूटीन की जानकारी हमलावरों तक कैसे पहुंची। 11 अक्टूबर की कथित रेकी और 18 अक्टूबर की फायरिंग के बीच के संबंधों को भी खंगाला जा रहा है।










































