त्योहारी सीजन की शुरुआत हो चुकी है। नवरात्र के बाद दशहरा, धनतेरस और दिवाली आने वाली है। इस दौरान हर कोई अपनी पसंद के अनुसार जमकर खरीदारी करता है। कंपनियां भी अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए बंपर डिस्काउंट और आकर्षक ऑफर्स लेकर आती हैं। हालांकि, त्योहारी खरीदारी में आंख मूंद कर भरोसा करना सही नहीं होता है। इसलिए हम आपको बता रहे हैं कि त्योहारी खरीद में किन बातों का खास ख्याल रखना चाहिए।
डिस्काउंट पर आंख मूद कर भरोसा नहीं करें
अगर आप त्योहारी खरीदारी के दौरान किसी चीज पर बड़ा डिस्काउंट दिख रहा है तो बिना रिसर्च किए भरोसा नहीं करें। अक्सर सामान की कीमतें पहले से ही बढ़ा-चढ़ाकर रखी जाती हैं। यह गुमराह करने वाला हो सकता है। असल में, अपना प्रॉफिट मार्जिन निकालने के लिए प्रोडक्ट की कीमत पहले बढ़ा दी जाती है और फिर उसी पर डिस्काउंट दिया जाता है।
खरीदारी की लिस्ट बनाएं और उसी पर टिके रहें
त्योहारी सीजन में कंपनियां ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के ऑफर और डिस्काउंट देती हैं। विज्ञापनों और प्रमोशन का असर लोगों के खरीदारी के फैसलों पर पड़ता है। इससे बचने का एक आसान तरीका है कि खरीदारी से पहले अपनी जरूरतों की लिस्ट बना लें और उसी के अनुसार सामान खरीदें। बड़ी सेल के दौरान लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा खर्च कर देते हैं। क्रेडिट कार्ड और तुरंत लोन मिलने की सुविधा के कारण वे अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खरीदारी कर लेते हैं।सिर्फ डिस्काउंट पाने के पीछे न भागें
मेगा सेल अब हर साल होने वाला आम चलन बन गई है। कई ग्राहक खरीदारी को टाल देते हैं, ताकि सेल के दौरान कम कीमत पर सामान खरीद सकें। इन सेल में कुछ अच्छे ऑफर भी मिलते हैं, जिनसे वास्तव में पैसे बचाए जा सकते हैं। हालांकि, सेल के दौरान खरीदारी को एक खेल की तरह पेश किया जाता है। काउंटडाउन, सीमित समय के ऑफर और ‘जल्दी खरीदें’ जैसे संदेश ग्राहकों पर तुरंत फैसला लेने का दबाव बनाते हैं। इससे लोग कई बार बिना सोचे-समझे खरीदारी कर लेते हैं।
इसलिए किसी भी ऑफर को देखकर तुरंत खरीदारी न करें। पहले यह देखें कि सामान की कीमत वास्तव में कम हुई है या नहीं, प्रोडक्ट आपकी जरूरत का है या नहीं और खरीदारी आपके बजट में है या नहीं। याद रखें, हर डिस्काउंट बचत नहीं होता। असली बचत तभी है, जब आप जरूरत की चीज सही कीमत पर खरीदें।







































