काठमांडू: भारत और नेपाल के बीच चाय को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। नेपाल बड़ी मात्रा में अपनी चाय भारत को निर्यात करता है। चाय नेपाल के सबसे महत्वपूर्ण एक्सपोर्ट सेक्टर में से है लेकिन यह सेक्टर भारत के साथ व्यापारिक तनाव में फंस गया है। इस तनाव की वजह भारत की ओर से नेपाली चाय के इंपोर्ट पर लगाई गईं कड़ी शर्तें हैं। नेपाली चाय उत्पादक और व्यापारी इससे नाराज हैं और दिल्ली की शर्तों को ‘पाबंदी’ जैसा कह रहे हैं।
द काठमांडू पोस्ट के मुताबिक, नेपाल के कई हिस्सों में भारत की कड़ी शर्तों के खिलाफ गुस्सा सड़क पर आ गया है। इसके विरोध में पूर्वी जिलों इलाम और झापा की सभी 83 चाय फैक्ट्रियों ने गुरुवार को अपना कामकाज बंद कर दिया है। नेपाल चाय उत्पादक संघ के प्रतिनिधियों ने इस मामले में बालेन शाह सरकार से तुरंत डिप्लोमैटिक दखल की मांग की है।नेपाली चाय उत्पादकों ने काम रोका
चाय उत्पादकों का कहना है, ‘भारत की ओर से बार-बार आ रहीं व्यापारिक रुकावटों ने नेपाल के चाय एक्सपोर्ट को प्रभावित किया है। ऐसा पश्चिम बंगाल के चाय उत्पादकों के दबाव में होता है। पश्चिम बंगाल भारत का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है, जहां दुनियाभर में मशहूर दार्जिलिंग चाय उद्योग स्थित है।’
नेपाल चाय उत्पादक संघ के अध्यक्ष आदित्य पराजुली का कहना है कि हम चाय फैक्ट्रियां बंद करके काठमांडू आए हैं। हमारी संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों से मुलाकात होनी है। पहले भी हमने अपनी समस्याओं के बारे में ज्ञापन सौंपे थे लेकिन उन पर कार्रवाई नहीं हुई। हम चाहते हैं कि इस पर तुरंत ध्यान दिया जाए।










































