गृह मंत्री ने कहा कि भारत की वर्तमान सुरक्षा नीति वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा और संसाधनों को लेकर असुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं, बढ़ती कट्टरता और साइबर दुष्प्रचार के परिवेश को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए।Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत कोई धर्मशाला नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में रहने का अधिकार केवल यहां के नागरिकों को है और घुसपैठिए भारत की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था तथा जनसांख्यिकी के लिए एक बड़ा खतरा हैं। खुफिया ब्यूरो (IB) के तत्वावधान में आयोजित नेशनल सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी (NSS) कांफ्रेंस के समापन सत्र को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने ये बातें कहीं। इस सम्मेलन में केंद्रीय एजेंसियों के प्रमुखों और विभिन्न राज्यों के पुलिस महानिदेशकों ने हिस्सा लिया था।
घुसपैठियों पर कड़ा रुख और चारसूत्रीय रणनीति
अमित शाह ने कहा, यह देश कोई धर्मशाला नहीं है; यहां रहने का अधिकार केवल देश के नागरिकों को है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ महीनों में जमीनी सीमा साझा करने वाले सभी राज्यों के दौर के बाद, राज्यों के साथ सीमा सुरक्षा के लिए एक ‘चारसूत्रीय दृष्टिकोण’ साझा किया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य बहुत कम समय में देश को घुसपैठ मुक्त बनाना है।
सुरक्षा नीति और आंतरिक सुरक्षा
गृह मंत्री ने कहा कि भारत की वर्तमान सुरक्षा नीति वैश्विक अस्थिरता, ऊर्जा और संसाधनों को लेकर असुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं, बढ़ती कट्टरता और साइबर दुष्प्रचार के परिवेश को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मजबूत आंतरिक सुरक्षा तंत्र एक ‘विकसित भारत’ की पहली शर्त है। अगर भारत को हर क्षेत्र में अग्रणी बनना है, तो अपनी आंतरिक सुरक्षा को और अधिक मजबूत करना होगा।पुरानी सरकारों पर निशाना और भविष्य की रणनीति
पूर्ववर्ती सरकारों पर कटाक्ष करते हुए शाह ने कहा कि अगर पिछली सरकारों ने पूर्वोत्तर में नशीले पदार्थों, उग्रवाद और नक्सलवाद की समस्याओं का समाधान समय रहते भांप लिया होता, तो देश को दशकों तक इसके परिणाम नहीं भुगतने पड़ते। उन्होंने कहा कि राज्य पुलिस बलों, केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के सामूहिक प्रयासों से देश के इन तीनों अंदरूनी सुरक्षा हॉटस्पॉट की चुनौतियों को समाप्त कर दिया गया है।
अधिकारियों को अगले 15 से 20 वर्षों के रुझानों का अध्ययन करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि भविष्य की संभावित समस्याओं की पहचान कर अभी से उनसे निपटने की रणनीति तैयार करनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राज्यों की पुलिस को ‘नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ को जमीन पर उतारने और ड्रग्स-मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए ‘3D’ (Detect, Disrupt and Destroy – पहचानो, बाधित करो और नष्ट करो) की नीति अपनाने का निर्देश दिया।










































