संगठन बोला कर्मचारियों को दी जा रही कार्यवाही की धमकी, कार्रवाई हुई तो करेंगे धरना प्रदर्शन
मांगें पूरी नहीं हुईं तो नही करेंगे धान उपार्जन कार्य,
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट।समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी शुरू होने से पहले ही सहकारी समितियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ ने दो टूक ऐलान किया है कि जब तक उनकी 10 सूत्रीय मांगों का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक समितियों के कर्मचारी किसानों का पंजीयन और धान उपार्जन कार्य नहीं करेंगे।उधर, कर्मचारियों की मांगों को लेकर शनिवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में अधिकारियों के साथ हुई बैठक भी बेनतीजा रही। बैठक में संबंधित विभागों के प्रमुख अधिकारियों की गैरमौजूदगी को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी दिखाई दी।
15 सितंबर से शुरू होना था पंजीयन का कार्य
दरअसल, शासन के निर्देशानुसार आगामी धान उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन 15 सितंबर से शुरू किया जाना था। ऐसे में समितियों के कर्मचारियों के असहयोग के ऐलान ने उपार्जन व्यवस्था के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। महासंघ का कहना है कि हर वर्ष उपार्जन शुरू होने से पहले समितियों की समस्याओं और मांगों को उठाया जाता है,लेकिन लंबे समय से कई समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हुआ है।
अधिकारियों के प्रतिनिधि पहुंचे, नहीं बनी बात
शनिवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ की मांगों को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि बैठक में जिला आपूर्ति अधिकारी, नागरिक आपूर्ति अधिकारी और विपणन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहेंगे और मांगों पर सीधे चर्चा होगी।हालांकि, इन अधिकारियों की जगह उनके प्रतिनिधि बैठक में पहुंचे। महासंघ का कहना है कि जिन अधिकारियों के सामने लंबे समय से लंबित समस्याएं रखी जानी थीं, उनके ही मौजूद नहीं रहने से चर्चा किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी।बैठक समाप्त होने के बाद महासंघ ने स्पष्ट कर दिया कि मांगों का निराकरण होने तक पंजीयन और उपार्जन का कार्य नहीं किया जाएगा।
पहले परिवहन की व्यवस्था, फिर खरीदी
महासंघ की मांग है कि धान उपार्जन शुरू होने से पहले ही परिवहन का टेंडर पूरा कर लिया जाए, ताकि खरीदी के साथ ही धान का समय पर परिवहन हो सके।कर्मचारियों का कहना है कि खरीदी केंद्रों पर धान का भंडारण बढ़ने के बाद परिवहन में देरी होने से समितियों पर अनावश्यक दबाव और आर्थिक जोखिम बढ़ता है।
सर्वेयर और गोदाम प्रभारियों पर गंभीर आरोप
महासंघ ने उपार्जन प्रक्रिया के दौरान सर्वेयरों पर राशि मांगने के आरोप भी लगाए हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में क्षेत्रीय नेताओं के दबाव में नॉन-एफएक्यू धान को पास कराने का दबाव बनाया जाता है।वहीं गोदाम खरीदी के दौरान भी गोदाम प्रभारी और सर्वेयर द्वारा राशि की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है। महासंघ ने ऐसी कथित वसूली पर रोक लगाने और पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की मांग की है।
उपायुक्त सहकारिता ने साधी चुप्पी
समिति कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में उपायुक्त सहकारिता राजेश उईके भी मौजूद रहे। महासंघ द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और मांगों को लेकर जब उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इस मामले में कुछ भी कहने से परहेज किया। अब कर्मचारियों के उपार्जन कार्य से हाथ खींचने के ऐलान के बाद आगामी दिनों में प्रशासन और महासंघ के बीच होने वाली चर्चा पर सभी की नजरें रहेंगी।
एक नजर में
15 सितंबर से किसानों के पंजीयन का निर्देश
सहकारी समिति कर्मचारियों ने पंजीयन-उपार्जन से हाथ खींचे
10 सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में हुई बैठक रही बेनतीजा
संबंधित अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर महासंघ नाराज
2021 से 2024 तक करोड़ों रुपये बकाया होने का दावा
बारदाना, परिवहन और शॉर्टेज को लेकर उठाए सवाल
सर्वेयर व गोदाम प्रभारियों पर राशि मांगने के आरोप
मांगें पूरी होने तक उपार्जन नहीं करने का ऐलान
एक भी कर्मचारी पर कार्यवाही हुई तो करेंगे धरना प्रदर्शन-पी.सी. चौहान
महासंघ जिलाध्यक्ष पी.सी. चौहान ने बताया कि वर्ष 2021 से 2024 तक मध्यप्रदेश राज्य विपणन संघ पर समितियों का करोड़ों रुपये बकाया बताया जा रहा है। उनका कहना है कि समितियों द्वारा उपार्जन कार्य में राशि और संसाधन लगाने के बावजूद समय पर भुगतान नहीं होने से समितियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है।उन्होंने कहा कि समितियों की अन्य प्रमुख समस्या उपार्जन मे…










































