नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध (US-Iran War) को रोकने का समझौता हो गया है। इसके बाद कच्चे तेल की कीमतें घटने लगी हैं। लेकिन यदि आप सोच रहे होंगे जल्द ही हवाई जहाज की टिकटें सस्ती हो जाएंगी तो ऐसी उम्मीद मत कीजिए। इसका कारण कुछ और है। तभी तो कहा जा रहा है कि एटीएफ की कीमतें (ATF Price) पहले के स्तर पर आने में महीनों लग सकते हैं।
इस तिमाही तो उम्मीद मत कीजिए
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में एविएशन एक्सपर्ट्स के हवाले से बताया गया है अगले तीन या चार महीने तो विमान किराये में कमी की उम्मीद मत ही रखिए। OAG के चीफ एनिलिस्ट जॉन ग्रांट बताते हैं कि अधिकतर एयरलाइनों ने आगामी तीन-चार महीनों के लिए अपने ऑपरेशन कॉस्ट को तय कर लिया है। उस हिसाब-किताब में बहुत ज्यादा फेरबदल की संभावना नहीं है। इसके अलावा यह मत समझिए कि एटीएफ की कीमतें यदि 10 फीसदी कम होगी तो विमान का किराया भी इतना ही घट जाएगा।










































