इंदौर की बेटमा पुलिस ने स्टूडेंट के सुसाइड के मामले में लंबी जांच के बाद केस दर्ज किया है। पुलिस ने सेज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर, एनएसयूआई नेता सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया है। इन सभी पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। 2 साल पहले स्टूडेंट ने अपने यूट्यूब चैनल पर सुसाइड नोट का वीडियो बनाकर डालने के बाद जान दे दी थी।
दरअसल, इंदौर की बेटमा पुलिस ने एक छात्र की आत्महत्या के लगभग 2 साल बाद केस दर्ज किया है। थाना बेटमा स्थित काली बिल्लौद की प्रभातम कॉलोनी निवासी छात्र अरुण पटेल ने 6 मई 2022 को घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। वह सेज यूनवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। मरने के पहले उसने अपने यूट्यूब चैनल पर सेज यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर अनिल पटवारी समेत अन्य पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एक वीडियो डाला था। मृतक छात्र के पिता गिरजा प्रसाद ने मृतक का मोबाइल फोन पुलिस को सौंपा था। साथ ही अपने बयान भी दर्ज करवाए थे।
मृतक के पिता ने बताया कि अरुण के साथ नीरज और छात्रा वंदना सहित एनएसयूआई प्रेसीडेंसी ने मारपीट की थी। इस बात की शिकायत उसने प्रोफेसर नीरज सहित यूनिवर्सिटी की डायरेक्टर से भी किया था, लेकिन इसके बावजूद सभी ने अरुण को प्रताड़ित किया था। इससे आहत होकर उसने सुसाइड कर लिया था।










































