उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए… आधुनिक गजल के उस्ताद और अपनी मखमली आवाज से लाखों दिलों पर राज करने वाले डॉ. बशीर बद्र अब हमारे बीच नहीं रहे। उन्होंने 91 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। उनके जाने से जो खालीपन आया है, उसे कभी भरा नहीं जा सकेगा।दोपहर 12 बजे ली अंतिम सांस
उन्होंने भोपाल के ईदगाह हिल्स स्थित अपने निवास पर आज दोपहर करीब 12 बजे अंतिम सांस ली। वे पिछले लंबे समय से डिमेंशिया (भूलने की बीमारी) और उम्र संबंधी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।
लाखों फैंस में शोक की लहर
बद्र साहब के चले जाने से देश-विदेश के साहित्य जगत, कला प्रेमियों और उनके लाखों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। उनके निधन पर देश भर के वरिष्ठ साहित्यकारों और शायरों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे एक युग का अंत बताया है।










































