नाबालिक लड़की का अपहरण और दुष्कर्म के मामले में दीपक को 20 वर्ष की सश्रम कारावास -5 हजार रुपये अर्थदंड

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बालाघाट
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश गौतम सिह मरकाम की अदालत ने नाबालिक लड़की का अपहरण और दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी को 20 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। विद्वान अदालत में आरोपी दीपक पिता झामसिंह मरकाम 22 वर्ष ग्राम गोंनाझोला पुलिस चौकी डोरा थाना रूपझर निवासी को 20 वर्ष की सश्रम कारावास के अलावा 5000 रुपये अर्थदंड से भी दंडित किये है। इस मामले में शासन की ओर से पैरवी जिला अभियोजन अधिकारी कपिल कुमार डहेरिया के मार्गदर्शन में विशेष लोक अभियोजक आरती कपले द्वारा की गई थी

अभियोजन के अनुसार यह नाबालिक लड़की हट्टा थाना क्षेत्र के एक गांव में अपने परिवार के साथ रह रही थी। 8 अप्रैल 2023 को 11 बजे यह लड़की कपड़े की दुकान में काम करने जा रही हूं कहकर घर से निकली थी। किंतु वह शाम तक वापस नहीं लौटी पड़ोस और रिश्तेदारी में पता करने पर भी इस लड़की का पता नहीं चला ।16 अप्रैल 2023 को हट्टा थाने में इस नाबालिक लड़की के गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। 10 मई 2023 को यह लड़की ग्राम गोनाझोला से दस्तयाब की गई थी। पूछताछ में इस लड़की ने बताई की वह दीपक मरकाम को एक वर्ष से पहचानती थी और वह उससे शादी करना चाहता था। 4 अप्रैल 2023 को वह कपड़ा दुकान जा रही हूं कहकर निकली थी। वह बस से बालाघाट आई और बालाघाट से बस में चिखलाझोड़ी के पास ग्राम उमरिया पहुंची। जहां दीपक मछली पालन तालाब में चौकीदारी करता था। वहा से दीपक ने उसे नागपुर मानेवाड़ा लेकर गया जहां बिल्डिंग बनाने का काम चल रहा था। वे लोग मजदूरी करने लगे थे। 13 अप्रैल 2023 को नागपुर के अंबेझरी स्थित शिव मंदिर में दोनों ने शादी किये। इसके बाद दीपक ने उसे पत्नी बनाकर रखा था। 9 मई 2023 को दीपक उसे गोनाझोला लेकर गया किंतु उसके माता-पिता ने दोनों को रखने से मना कर दिए। 10 मई 2023 को हट्टा पुलिस उसे लेकर थाना ले गई। इस मामले में दीपक के विरुद्ध हट्टा पुलिस थाने में धारा 363 66 376 376 (2)एन भादवि और धारा 5 (एल)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत अपराध दर्ज किया गया था इस अपराध में दीपक को गिरफ्तार किया गया और विवेचना अनुसंधान उपरांत अभियोग पत्र विद्वान अदालत में पेश किया गया था। हाल ही में यह मामला लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विशेष न्यायाधीश गौतम सिह मरकाम की अदालत में चला। विद्वान अदालत में अभियोजन पक्ष आरोपी दीपक के विरुद्ध आरोपित अपराध सिद्ध करने में सफल रहा। जिसके परिणाम स्वरुप विद्वान अदालत ने मामले की समस्त परिस्थितियों को देखते हुए, आरोपी दीपक मरकाम को धारा 5(एल)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 और धारा 376 (2)एन भादवि के तहत आरोपित अपराध में दोषी पाकर उसे 20 वर्ष की सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड से दण्डित किये।

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