पाकिस्तान बीते कुछ हफ्तों से दुनिया की नजर में है। इसकी वजह ईरान-अमेरिका के युद्ध में पाकिस्तान की भूमिका है। पाकिस्तान में ईरानी और अमेरिकी डेलीगेशन की एक दौर की बातचीत हो चुकी है। पाकिस्तान में जल्दी ही दूसरी बार वार्ता होने की संभावना है। पाकिस्तान की मध्यस्थ के तौर पर निभाई गई भूमिका से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी प्रभावित नजर आए हैं। उन्होंने खुलकर पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और खासतौर से पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर की तारीफ की है। असीम मुनीर को डोनाल्ड ट्रंप अपना फेवरेट फील्ड मार्शल कह चुके हैं। पाकिस्तानी आर्मी के शीर्ष पद पर बैठे लोग लगातार अमेरिका के पसंदीदा रह हैं। सवाल ये है कि वह अमेरिकी सत्ता को कैसे साध लेते हैं।
डिफेंस और नेशनल सिक्योरिटी एक्सपर्ट संदीप उन्नीथन ने इंडिया टुडे में अपने एक लेख में अमेरिकी सत्ता और पाकिस्तानी सेना प्रमुखों के रिश्ते की पड़ताल की है। उन्होंने यह बताने की कोशिश की है कि कैसे पाकिस्तान के बनने के बाद से ही अमेरिका की उसके सेना प्रमुखों से बनती रही है। इसमें याह्या खान, जिया उल हक, परवेज मुशर्रफ से असीम मुनीर तक तमाम नाम हैं।










































