पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। विकास और आधुनिक सडक़ों के दावों के बीच जमीनी हकीकत आज भी राहगीरों और ग्रामीणों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है। कुछ ऐसा ही नजारा वारासिवनी से कटंगी मार्ग पर देखने को मिल रहा है। जहां ग्राम सरंडी के मुख्य टर्निंग पर बना यात्री प्रतीक्षालय अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। देखरेख के अभाव में यह प्रतीक्षालय अब खंडहर में तब्दील होने की कगार पर पहुंच चुका है। जिसके कारण यात्रियों और राहगीरों को इस तपती भीषण गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सडक़ ऊंची हुई पर नीचे दब गई व्यवस्थाएं
प्राप्त जानकारी के अनुसार वारासिवनी कटंगी मार्ग पर रेलवे अंडर ब्रिज से ग्राम सरंडी के लिए एक मुख्य सडक़ निकलती है। इसी टर्निंग पर यात्रियों की सुविधा के लिए वर्षों पहले एक यात्री प्रतीक्षालय का निर्माण कराया गया था। परंतु कुछ वर्ष पूर्व हुए सडक़ निर्माण के बाद मुख्य मार्ग काफ ी ऊंचा हो गया जिससे यह प्रतीक्षालय सडक़ की सतह से थोड़ा नीचे धंस गया है। निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग ने सडक़ तो चमका दी लेकिन इस सार्वजनिक भवन को उसके हाल पर ही छोड़ दिया। वर्तमान स्थिति यह है कि देखरेख और रखरखाव के अभाव में पूरा यात्री प्रतीक्षालय परिसर बेतहाशा उग आई कटीली झाडिय़ों से घिर चुका है। भवन के भीतर और आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। भवन की दीवारें और छत जर्जर हो चुकी हैं यह प्रतीक्षालय अब यात्रियों के बैठने योग्य ना रहकर असामाजिक तत्वों या मवेशियों का अड्डा और एक अनुपयोगी खंडहर मात्र बनकर रह गया है। यात्री प्रतीक्षालय के बंद और जर्जर होने का सबसे बड़ा खामियाजा स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों को भुगतना पड़ रहा है। वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में यात्रियों के पास सिर छुपाने की कोई सुरक्षित जगह नहीं है। मजबूरन महिलाओं बच्चों और बुजुर्गों को सडक़ किनारे किसी पेड़ की छांव तलाशनी पड़ती है या फि र निजी दुकानों के सामने खड़े होकर घंटों यात्री वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। विदित हो कि वारासिवनी कटंगी मुख्य मार्ग से करीब १ किलोमीटर अंदर ग्राम सरंडी बसा हुआ है। यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से सीधा रास्ता नेवरगांव, लोहारा, कोपे और लालबर्रा जैसे बड़े ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निकलता है। इन गांवों के लोग कटंगी या अन्य शहरों की ओर जाने के लिए इसी शॉर्टकट मार्ग से होकर सरंडी टर्निंग पर आते हैं और यहीं से बस या अन्य यात्री वाहन पकड़ते हैं। प्रतिदिन यहां से दर्जनों लोग अपनी मंजिलों के लिए सफ र शुरू करते हैं, जिन्हें हर दिन इस अव्यवस्था से दो.चार होना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सडक़ का निर्माण या चौड़ीकरण किया जा रहा था तब निर्माण कंपनी और संबंधित विभाग या जिम्मेदार एजेंसी को इस बात पर ध्यान देना चाहिए था कि सडक़ ऊंची होने से इस सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान ना पहुंचे। नियमानुसार इसकी मरम्मत कर इसे दोबारा जनउपयोगी बनाया जाना था लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे पूरी तरह नजर अंदाज कर दिया। आज तक यहां सुधार कार्य के नाम पर एक ईंट भी नहीं रखी गई है। सडक़ किनारे अपनी बारी का इंतजार कर रहे यात्रियों और सरंडी के ग्रामीणों ने शासन प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त कर जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि इस समस्या को गंभीरता से लिया जाए। जर्जर हो चुके यात्री प्रतीक्षालय की सुध लेकर तत्काल इसकी झाडिय़ों को साफ कराया जाए। भवन की मरम्मत कर इसे नए सिरे से उपयोग योग्य बनाया जाए, ताकि आने वाले समय में यात्रियों को मौसम की मार और इस असुविधा से निजात मिल सके।
यात्री प्रतीक्षालय में अव्यवस्था का आलम बना हुआ है-फुलेश्वरी
यात्री फुलेश्वरी मूर्खे ने बताया कि मैं सरण्डी रहती हूं वारासिवनी हमें जाना है तो हम यहां पर खड़े हैं और बस का इंतजार कर रहे हैं। इस धूप में हमें यात्री प्रतीक्षालय नहीं होने के कारण खड़ा होना पड़ रहा है पुराना यहां पर एक प्रतीक्षालय है परंतु वह दबा हुआ है। यहां पर हमारे बैठने और पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए परंतु कुछ नहीं है। गांव से यहां तक का सफ र कर खड़े रहते हैं बस का इंतजार करते हैं ज्यादा थकान होने पर जमीन पर ही बैठ जाते हैं। अकेले सरण्डी ही नहीं अन्य गांव के भी लोग यहीं से बस पकडऩे आते हैं यहां पर किसी प्रकार से बैठने की व्यवस्था नहीं है और ना ही कोई सुविधा है। जहां अच्छा लगे वहां खड़ा रहेकर यात्री वाहन का इंतजार करना पड़ता है।
यात्री प्रतीक्षालय है की मरम्मत कर सुविधा जनक बनाया जायें-रविंद्र गौतम
राहगीर रविंद्र गौतम ने बताया कि यहां सरंडी के मोड पर यात्री प्रतीक्षालय काफ ी दिनों से अस्त.व्यस्त पड़ा हुआ है। वारासिवनी से कटंगी रोड़ जब यहां पर बनाई गई तो रोड़ थोड़ी ऊंची हो गई प्रतीक्षालय हल्का दब गया। सरण्डी के आगे करीब आधा दर्जन ग्राम के लोग इसी मार्ग से आकर कटंगी क्षेत्र के लिए वहां पढ़ते हैं। अभी बहुत ज्यादा धूप है तो यह पेड़ की छांव में खड़े रहते हैं सडक़ विभाग एवं एजेंसी के द्वारा यात्री प्रतीक्षालय पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है ना ही उसकी मरम्मत साफ सफ ाई कुछ भी नहीं की गई है। जबकि यह होना था कि यात्रियों को सहूलियत हो परंतु यह वृक्ष के नीचे बैठ रहे हैं इसके लिए जिम्मेदार संबंधित विभाग है उन्हें देखना चाहिए कि हमने सडक़ बनाई है रोड किनारे यात्री प्रतीक्षालय है तो इसकी सुविधा करें या कहां क्या होना चाहिए। यह उनकी जिम्मेदारी है हम चाहते हैं कि या जो पुराना यात्री प्रतीक्षालय है इसकी मरम्मत की जाए ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।










































