बालाघाट क्षेत्र स्थित बूढ़ी शराब दुकान को हटाए जाने की मांग को लेकर महिलाओं का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन लगातार जारी है। कई दिनों से चल रहे इस आंदोलन में अब छोटे बच्चे भी शामिल होने लगे हैं, जिससे आंदोलन को नया रूप मिलता दिखाई दे रहा है। शाम होते ही बच्चे अपने हाथों में शराबबंदी और शराब दुकान हटाने संबंधी पोस्टर लेकर दुकान के आसपास रैली निकालते हैं। इस दौरान बच्चे लोगों से शराब का सेवन नहीं करने की अपील करते नजर आते हैं। आंदोलनकारी महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है और परिवारों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। वहीं 9 मई की देर शाम आबकारी विभाग का अमला एक बार फिर लाइसेंसधारी दुकानदारों के साथ मौके पर पहुंचा। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों भाजपा नेत्री एवं आयोग सदस्य मौसम बिसेन द्वारा दुकानदारों को दो से तीन दिन के भीतर दुकान हटाने की चेतावनी दी गई थी। इधर लाइसेंसधारी पक्ष ने भी प्रदर्शनकारी महिलाओं के बीच साफ कर दिया कि शराब दुकान यथावत संचालित होती रहेगी। इस दौरान मौके पर मौजूद आबकारी विभाग और पुलिस अमले के सामने महिलाओं और अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई। स्थिति को देखते हुए आबकारी विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की समझाइश दी तथा दुकान में शराब खरीदने आने वाले लोगों को रोकने से मना किया।
बालाघाट के बूढ़ी क्षेत्र में संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बीते लगभग 25 से 30 दिनों से क्षेत्र की महिलाएं शराब दुकान के सामने अनिश्चितकालीन धरना देकर प्रदर्शन कर रही हैं। लगातार चल रहे इस आंदोलन में महिलाएं अलग-अलग तरीकों से विरोध दर्ज करा रही हैं। कभी गांधीगिरी के माध्यम से तो कभी क्षेत्र की साफ-सफाई कर महिलाएं प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान अपनी मांग की ओर आकर्षित करने का प्रयास कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि शराब दुकान के कारण क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है और यहां आए दिन असामाजिक गतिविधियां देखने को मिलती हैं। उनका आरोप है कि शराब पीने वालों के कारण क्षेत्र की महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से वे लगातार दुकान को वहां से हटाने की मांग कर रही हैं। इसी आंदोलन के तहत 9 मई की शाम स्कूली बच्चों ने भी महिलाओं के समर्थन में हाथों में शराबबंदी के पोस्टर लेकर शराब दुकान के सामने रैली निकाली। बच्चों ने लोगों से शराब का सेवन न करने की अपील की और नारेबाजी करते हुए क्षेत्र में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया। बच्चों की इस सहभागिता के बाद आंदोलन को लेकर क्षेत्र में और चर्चा तेज हो गई। देर शाम आंदोलन स्थल पर आबकारी विभाग के पुलिसकर्मी और शराब दुकान से जुड़े लाइसेंसधारी कर्मचारी भी पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शन कर रही महिलाओं से शांतिपूर्वक आंदोलन करने की अपील की। आबकारी पुलिसकर्मियों ने महिलाओं से कहा कि वे किसी भी व्यक्ति को जबरदस्ती दुकान से शराब खरीदने से न रोकें और कानून व्यवस्था बनाए रखें। हालांकि महिलाओं ने साफ तौर पर कहा कि वे अपने आंदोलन के दौरान शराब खरीदने आने वाले लोगों को समझाने और रोकने का प्रयास करती रहेंगी तथा दुकान को हटाने की मांग से पीछे नहीं हटेंगी। महिलाओं का कहना है कि जब तक दुकान को वहां से नहीं हटाया जाएगा, उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा। इस पूरे मामले में कुछ दिन पहले आयोग सदस्य मौसम बिसेन का बयान भी चर्चा में आया था। उन्होंने बातचीत के दौरान शराब दुकान के कर्मचारियों को चेतावनी भरे अंदाज में कहा था कि वे स्वेच्छा से दुकान को वहां से हटा लें, अन्यथा प्रशासन कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा था कि आने वाले कुछ दिनों में दुकान को वहां से हटाया जा सकता है। वहीं अब महिलाओं के प्रदर्शन में पहुंचे लाइसेंसधारी कर्मचारियों ने भी स्पष्ट कर दिया है कि शराब दुकान को वहां से हटाया नहीं जाएगा और दुकान पूर्ववत उसी स्थान पर संचालित होती रहेगी। ऐसे में एक ओर जहां आंदोलनकारी महिलाएं दुकान हटाने की मांग पर अड़ी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर दुकान से जुड़े कर्मचारी और लाइसेंसधारी भी अपने पक्ष पर कायम दिखाई दे रहे हैं। लगातार जारी प्रदर्शन और दोनों पक्षों के अलग-अलग बयानों के बीच अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल आबकारी विभाग ने महिलाओं से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है, लेकिन आंदोलन खत्म होने के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या निर्णय लेता है और महिलाओं की मांग पर शराब दुकान को हटाने को लेकर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।










































