किम जोंग उन की हत्‍या हुई तो उत्‍तर कोरिया तुरंत करेगा परमाणु हमला, संविधान में प्रावधान, ईरान जैसे हमले का डर

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प्‍योंगयांग: ईरान के सर्वोच्‍च नेता अयातुल्‍ला अली खामेनेई की हत्‍या से उत्‍तर कोरिया कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन सहमे हुए हैं। इस खतरे से निपटने के लिए अब उत्‍तर कोरिया के संविधान में प्रावधान किया गया है कि अगर किम जोंग उन की हत्‍या हुई तो तुरंत स्‍वचालित तरीके से जवाब में परमाणु हमला कर दिया जाएगा। उत्‍तर कोरिया परमाणु हथियारों और अमेरिका तक हमला करने वाली मिसाइलों से लैस है। इसी वजह से उत्‍तर कोरिया के ऐलान से पड़ोसी देश डरे हुए हैं। उत्‍तर कोरिया के संविधान में 22 मार्च को यह बदलाव किया गया था लेकिन गुरुवार को पहली बार इसका ऐलान किया गया है। माना जा रहा है कि किम जोंग डर है कि अमेरिका ऐसे ही हमले में उनकी हत्‍या कर सकता है, इसीलिए उन्‍होंने परमाणु बम का कार्ड खेला है।

उत्‍तर कोरिया के संविधान के परमाणु नीति के आर्टिकल 3 में कहा गया है, ‘दुश्‍मन सेना के हमले से अगर देश के परमाणु बलों के कमांड एंड कंट्रोल पर खतरा आता है तो परमाणु हमले को स्‍वचालित और तत्‍काल अंजाम दे दिया जाएगा।’ उत्‍तर कोरिया के इस ऐलान के बाद अब किम जोंग उन और उनके करीबी लोगों की हत्‍या करना अब आसान नहीं होगा। इससे पहले अमेरिका और इजरायल ने भीषण हमले करके ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को उनके घर में ही मार दिया था।

उत्‍तर कोरिया ने दक्षिण कोर‍िया सीमा पर तैनात की तोप

सन की रिपोर्ट के मुताबिक उत्‍तर कोरिया की सीमाएं बंद हैं और कड़ी सुरक्षा व्‍यवस्‍था रहती है। बहुत ही कम लोगों को उत्‍तर कोरिया में प्रवेश की अनुमति मिलती है। ऐसे में उत्‍तर कोरिया के अंदर से खुफिया सूचना को एकत्र करना बहुत ही कठ‍िन है। उत्‍तर कोरिया ने यह संवैधानिक प्रावधान ऐसे समय पर किया है जब उसने हाल ही में अपनी दक्षिणी सीमा पर एक नई तरह की घातक तोप को तैनात किया है। इस कदम से दक्षिण कोरिया की राजधानी अब उत्‍तर कोरिया के सीधे फायरिंग रेंज में आ गई है।किम जोंग उन लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं जिससे दक्षिण कोरिया को डराया जा सके। किम जोंग उन ने शुक्रवार को इस नए हथियार के उत्‍पादन को देखा। इसकी रेंज करीब 60 किमी तक बताई जा रही है। उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने बताया कि यह एक 155 एमएम की स्‍वचालित तोप है। किम ने इस तोप को लेकर कहा, ‘यह जमीनी अभियान में हमारी सेना को काफी बदलाव और बढ़त देगा।’ दक्षिण कोरिया कई बार शांति की बात कर चुका है लेकिन उत्‍तर कोरिया उसे अभी भी उसे अपना मुख्‍य दुश्‍मन मानता है।

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