मुरूम या आफत, कोस्ते में सडक़ बनी दलदल, ग्रामीणों में भारी आक्रोश

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थानेगांव सडक़ पर फूटा जनता का गुस्सा, ग्रामीणों ने सडक़ पर परहा लगाकर जताया विरोध

पद्मेश न्यूज।वारासिवनी। विकास के दावों के बीच वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कोस्ते से लापरवाही और बदहाली की एक बड़ी तस्वीर सामने आई है। ग्राम पंचायत के द्वारा बस्ती से थानेगांव मार्ग पर मिट्टी वाली मुरूम डाल दिए जाने के कारण पूरी सडक़ छह इंच से लेकर एक फ ीट गहरे कीचड़ के दलदल में तब्दील हो गई है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि इस मार्ग पर मोटरसाइकिल या साइकिल तो दूर लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। पंचायत की इस कार्यवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार ६ जुलाई को थानेगांव सडक़ पर सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन करते हुए सडक़ पर ही धान का परहा लगा दिया और पंचायत प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

संपर्क टूटा १० से अधिक परिवार टापू में रहने को मजबूर

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त मार्ग के चौक पर करीब १० से अधिक परिवार निवास करते हैं जो एक टोले के रूप में बसा हुआ है। इस चौक पर कोस्ते की बस्ती और सोसायटी से आने वाले दो प्रमुख रास्ते आकर मिलते हैं और यहीं से एक मुख्य मार्ग थानेगांव के लिए जाता है। ग्राम पंचायत ने कुछ समय पहले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर मिट्टी युक्त मुरूम डलवा दी थी। पहली ही बारिश के बाद जब इस मार्ग पर ट्रैक्टर और बैलगाडिय़ों का आवागमन हुआ तो मिट्टी और पानी मिलकर भयंकर दलदल में बदल गए। वर्तमान में स्थिति इतनी विकट है कि टोले पर निवासरत लोगों का संपर्क मुख्य बस्ती तहसील मुख्यालय और थानेगांव से पूरी तरह कट चुका है। सडक़ के इस कदर दलदल बनने का सबसे गंभीर असर स्कूली बच्चों और मरीजों पर पड़ रहा है। कीचड़ के कारण विद्यार्थियों का स्कूल जाना पूरी तरह बंद हो गया है। वहीं यदि टोले में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उस तक स्वास्थ्य सुविधाएं या एम्बुलेंस पहुंचना नामुमकिन है। ग्रामीण अपने खेतों तक भी नहीं जा पा रहे हैं। मजबूरी में लोग जान जोखिम में डालकर पैदल रास्ता पार कर रहे हैं जिससे आए दिन बुजुर्गों और बच्चों के फि सलकर चोटिल होने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस विकट समस्या से ग्राम पंचायत के पदाधिकारियों और जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया था। लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय पंचायत ने इस मामले से पूरी तरह अपने हाथ झाड़ लिए। पंचायत के इसी अडिय़ल और उदासीन रवैये से नाराज होकर ग्रामीणों का गुस्सा फू ट पड़ा और उन्होंने अनूठे ढंग से प्रदर्शन करते हुए सडक़ के कीचड़ में ही धान रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर टोले के निवासरत परिवारों को जानबूझकर परेशान करने और बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखने का सीधा आरोप लगाया है। सडक़ पर प्रदर्शन के दौरान उपस्थित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के उच्च अधिकारियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है।

इनका कहना हैं

दूरभाष पर चर्चा में बताया कि उक्त मार्ग की शिकायत लगी हुई थी जिसके पक्के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किया गया। परंतु कुछ नहीं होने पर सडक़ को आवागमन के लिए बनाने मुरुम का ऑडर किया था जो रात में लाकर डाली गई और सुबह बारिश आ गई। हम मुरूम को हम देख भी नहीं पाए थे जिसमें मिट्टी मिक्स होने के कारण यह स्थिति बनी है। यदि मौसम खुलता है तो जेसीबी से ऊपर का कीचड़ हटाकर व्यवस्थित मार्ग बनाने का प्रयास किया जाएगा।

योगेश टेकाम सरपंच ग्राम पंचायत कोस्ते

बाइट उत्कर्ष चौधरी ग्रामीण

जगलाल रहाँगडाले ग्रामीण

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