काठमांडू: नेपाल में जेन जेड विरोध प्रदर्शनों के बाद सत्ता में आए प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार के 100 दिन पूरे हो गए हैं। बालेन शाह सरकार ने जहां कई शानदार कदम उठाए हैं, वहीं विदेश नीति के मोर्चे पर उनकी आलोचना हुई। नेपाली पीएम ने संसद में स्वीकार किया था कि नेपाल ने भारतीय जमीन पर कब्जा कर रखा है। उनके इस बयान के बाद नेपाल में बवाल हो गया था और संसद से लेकर सड़क तक उनके खिलाफ प्रदर्शन हुए। बालेन शाह के इस्तीफे की मांग की गई। इसके बाद नेपाल सरकार ने इस पर सफाई दी। बालेन शाह ने सत्ता संभालने के बाद अभी किसी देश की यात्रा नहीं की है। अब नेपाली विदेश मंत्री ने बताया है कि बालेन शाह भारत और चीन दोनों ही पड़ोसी देशों की यात्रा पर कब जाएंगे।
हाल ही में भारत आने वाले नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनल ने नेपाली मीडिया से बातचीत में कहा कि पीएम बालेन शाह की भारत और चीन यात्रा के लिए अभी डेट तय नहीं हुई है। हमने यह तय किया था कि पीएम बालेन शाह पहले 100 दिन नेपाल पर फोकस करेंगे। खासकर सुशासन और सरकार का 100 सूत्री एजेंडा लागू करने पर ध्यान देंगे। खनल ने कहा कि इन प्राथमिकताओं की वजह से हमने विदेश नीति की बजाय पहले आंतरिक मामले पर फोकस किया। इस बीच मैंने चीन और भारत की यात्रा भी की।










































