नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने केंद्र सरकार से चंडीगढ़ के प्रशासन (ब्यूरोक्रेसी) के आकार पर सवाल उठाया है। उन्होंने पूछा है कि महज 114 वर्ग किलोमीटर में फैले केंद्रशासित प्रदेश के लिए इतने बड़े सेटअप की क्या जरूरत है। खासकर तब जब पड़ोसी ट्राईसिटी जिलों मोहाली और पंचकूला का क्षेत्रफल ज्यादा होने के बावजूद वहां का प्रशासनिक ढांचा अपेक्षाकृत छोटा है।
मनीष तिवारी ने पूछा-चंडीगढ़ में इतने अधिकारी क्यों
- लोकसभा में एक ‘अनस्टार्ड’ सवाल के जरिए कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने चंडीगढ़ में IAS और IPS अधिकारियों की मंजूर संख्या, केंद्र-शासित प्रदेश (UT) में अभी तैनात अधिकारियों की संख्या (जिसमें ‘एक्स-कैडर’ या अस्थायी पदों पर तैनात अधिकारी भी शामिल हैं) और पंजाब व हरियाणा से डेपुटेशन पर काम कर रहे अधिकारियों की संख्या की जानकारी मांगी है।
- उन्होंने चंडीगढ़ में इतने ज्यादा सीनियर अधिकारियों को बनाए रखने के पीछे का कारण भी पूछा और यह भी जानना चाहा कि क्या केंद्र प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और वित्तीय समझदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक ढांचे की समीक्षा और उसे तर्कसंगत बनाने का कोई प्रस्ताव रखता है।










































