किसानों ने विधि-विधान से की बैलों की पूजा-अर्चना
गाँव के आखर चौक में उमड़ा उत्साह
बालाघाट। जिले के रूपझर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दीनाटोला में वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी पोला पर्व निर्धारित तिथि से एक दिन पहले 9 सितंबर को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। दोपहर के समय गांव के किसानों ने अपने बैलों को सजाकर विधि-विधान से पूजा अर्चना की और इसके बाद बैल जोड़ियों को गांव के आखर चौक में एक कतार में खड़ा कर उनकी पूजा की।ग्राम दीनाटोला में हर वर्ष पोला पर्व एक दिन पहले मनाने की परंपरा है। ग्रामीणों के अनुसार ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक ग्रामीण और किसान एकत्र होकर सामूहिक रूप से त्योहार मना सकें। इस वर्ष भी किसानों और ग्रामीणों ने उत्साह के साथ पोला पर्व मनाया। बैल जोड़ियों की पूजा-अर्चना के दौरान ग्रामीणों में विशेष उत्साह और उल्लास नजर आया।कृषि कार्य और रोपाई के बाद किसानों के लिए पोला पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। खेती-किसानी में बैलों की महत्वपूर्ण भूमिका होने के कारण किसान इस पर्व पर अपने बैलों को सजाते हैं और उनकी पूजा कर सुख समृद्धि की कामना करते हैं। वर्षभर कृषि कार्य में साथ देने वाले बैलों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का यह पर्व ग्रामीण अंचलों में विशेष उत्साह के साथ मनाया जाता है।पर्व के दौरान गांव में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न हो और कानून-व्यवस्था बनी रहे इसके लिए रूपझर पुलिस की मौजूदगी रही। थाना प्रभारी कामेश धूमकेती, सहायक उप निरीक्षक जयदयाल पटले, प्रधान आरक्षक पोतन चौधरी सहित पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस की निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इस दौरान किसी प्रकार की लड़ाई-झगड़े या विवाद की स्थिति निर्मित नहीं हुई।ग्रामीणों ने परंपरागत तरीके से बैलों की पूजा अर्चना कर पोला पर्व मनाया और एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। पूरे आयोजन के दौरान गांव में उत्सव और खुशी का माहौल बना रहा।ज्ञात हो कि ग्राम दीनाटोला में परंपरा के अनुसार पोला पर्व एक दिन पहले मनाया गया है जबकि जिले के अन्य ग्रामों में पोला पर्व 10 सितंबर को मनाया जाएगा। पोला पर्व को लेकर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों और ग्रामीणों में खासा उत्साह है।










































