बड़वानी जिले में जुए के महज 100 रुपये के विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। उधारी के पैसे वापस मांगने पर तीन युवकों ने मिलकर उसकी इतनी बेरहमी से पिटाई की कि कुछ घंटों बाद उसकी मौत हो गई। करीब छह महीने चले इस मामले में अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।बड़वानी: जुआ खेलने के लिए उधार लिए थे सिर्फ 100 रुपये, लेकिन जब उधार देने वाले ने अपने पैसे वापस मांगे तो विवाद इतना बढ़ गया कि तीन युवकों ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। रात में हुई इस मारपीट के बाद युवक को घर ले जाया गया, लेकिन करीब ढाई घंटे बाद उसकी मौत हो गई। करीब छह महीने बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
क्या था पूरा मामला और कैसे शुरू हुआ विवाद?
घटना बड़वानी जिले के पाटी थाना क्षेत्र की है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना की रात गंधावल रोड स्थित टंटनेश्वर महादेव मंदिर के सामने छबानिया के खेत में फुलसिंग अपने कुछ परिचितों के साथ ताश खेल रहा था। उसी दौरान आरोपी मनीष सोलंकी ने उलेकिन खेल खत्म होने के करीब एक घंटे बाद जब फुलसिंग ने मनीष से अपने 100 रुपये वापस मांगे, तो विवाद खड़ा हो गया। आरोप है कि मनीष ने पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया और गंदी गालियां देने लगा। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मनीष के साथ उसके साथी वीरेंद्र सोलंकी और रणछोड़ भी फुलसिंग से भिड़ गए और तीनों ने मिलकर उसके साथ लात-घूंसों से अंधाधुंध मारपीट शुरू कर दी।
मारपीट के बाद घर पहुंचे पीड़ित की कुछ घंटों में हुई मौत
वहां मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव कर फुलसिंग को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया और उसे घायल अवस्था में घर पहुंचा दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि उसके शरीर के कई अंदरूनी हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। घर पहुंचने के कुछ ही घंटों बाद, सुबह करीब 4 बजे जब परिजनों ने उसकी सुध ली, तो उसकी सांसें थम चुकी थीं।घटना के तुरंत बाद आक्रोशित परिजन और ग्रामीण पाटी थाने पहुंचे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया और अपनी जांच पूरी कर अदालत में चालान पेश किया। पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने इस मामले को बेहद गंभीर माना।
अदालत का कड़ा फैसला और आर्थिक जुर्माना
विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्ट) लीलाधर सोलंकी की अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए मनीष सोलंकी (24), वीरेंद्र सोलंकी (20) और रणछोड़ (23) – तीनों निवासी पटेल फलिया, पाटी – को हत्या के आरोप में दोषी करार दिया। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। प्रशासन ने इस पूरे मामले को पहले ही ‘जघन्य एवं सनसनीखेज प्रकरण’ के रूप में चिन्हित किया था, जिसमें अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक जगदीश यादव ने प्रभावी पैरवी की।बड़वानी जिले के पाटी क्षेत्र में जुए के 100 रुपये के विवाद पर हुई हत्या।
तीन आरोपियों मनीष, वीरेंद्र और रणछोड़ को अदालत ने ठहराया दोषी।
तीनों दोषियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई।
प्रत्येक दोषी पर 25 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया।
विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटीज एक्ट) लीलाधर सोलंकी ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला।










































