Delhi Vyapar Mahasangh: कनॉट प्लेस में 16 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली व्यापार महासंघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। व्यापारियों ने चिंता जताई है कि सड़कों की बंदी, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन से सदर बाजार, चांदनी चौक जैसे प्रमुख थोक बाजारों में कारोबार ठप हो जाएगा।
Delhi Vyapar Mahasangh: राजधानी दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में होने वाले प्रदर्शनों और उनके कारण लगने वाली पाबंदियों को लेकर व्यापारियों की चिंता काफी बढ़ गई है। कनॉट प्लेस में 16 अक्टूबर को प्रस्तावित कार्यक्रम, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक डायवर्जन की संभावना को देखते हुए ‘दिल्ली व्यापार महासंघ’ ने सीधे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दरवाजा खटखटाया है। महासंघ ने पत्र भेजकर मांग की है कि दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों और थोक बाजारों को प्रदर्शनों से दूर रखा जाए ताकि सामान्य व्यापार प्रभावित न हो।
महासंघ के अध्यक्ष देवराज बावेजा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कपूर की ओर से भेजे गए इस पत्र में कहा गया है कि वे नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकार का पूरा सम्मान करते हैं। साथ ही सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस की भूमिका को भी समझते हैं। लेकिन किसी भी ऐसे प्रदर्शन की अनुमति प्रमुख बाजारों या व्यापारिक इलाकों में नहीं मिलनी चाहिए, जिससे आम जनता की आवाजाही बाधित हो और व्यापारियों की रोजी-रोटी पर संकट आए।
इन बाजारों का किया जिक्र
व्यापारियों ने विशेष रूप से सदर बाजार, चांदनी चौक, खारी बावली, भागीरथी पैलेस और कश्मीरी गेट जैसे एशिया के बड़े थोक बाजारों का जिक्र किया है। उनका कहना है कि इन बाजारों में न केवल दिल्ली-एनसीआर, बल्कि पूरे देश से खरीदार आते हैं। अगर सड़कों पर अनावश्यक पाबंदियां लगाई गईं, तो माल की ढुलाई रुक जाएगी, ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाएंगे और बिक्री बुरी तरह प्रभावित होगी।
‘व्यावसायिक केंद्र के रूप में साख होगी खराब’
महासंघ ने ध्यान दिलाया कि इस समय देश में त्योहारी और शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है। व्यापारियों ने स्टॉक, दुकान के किराए और कर्मचारियों के वेतन में भारी पूंजी लगा रखी है। अगर ऐसे वक्त में बार-बार रास्ते बंद होंगे या बाजार ठप पड़ेंगे, तो बाहरी राज्यों के खरीदार दिल्ली के बजाय दूसरे शहरों का रुख करने लगेंगे। इससे न केवल आर्थिक नुकसान होगा, बल्कि दिल्ली की एक व्यावसायिक केंद्र के रूप में साख भी खराब होगी।
व्यापारियों ने केंद्र सरकार से अपील की है कि दिल्ली पुलिस और स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए जाएं कि प्रदर्शन के लिए बाजारों से दूर कोई अलग जगह तय की जाए। साथ ही, बेवजह की बैरिकेडिंग से बचा जाए और मालगाड़ियों तथा खरीदारों की आवाजाही को सुचारू रखा जाए ताकि कानून-व्यवस्था भी बनी रहे और व्यापार भी बचा रहे।







































