RSS Meeting News: आरएसएस की तीन दिवसीय बैठक इंदौर में होनी है। अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की इस मीटिंग में संघ के तमाम बड़े पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। साथ ही कई अहम निर्णय भी लिए जाएंगे। संघ की मीटिंग को लेकर इंदौर में तैयारी शुरू हो गई है।इंदौर: राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक मध्य प्रदेश के इंदौर में 2 से 4 चार नवंबर तक आयोजित की जाएगी। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। आरएसएस की तरफ से बताया गया है कि यह तीन दिवसीय बैठक इंदौर में युगाब्द 5128 के दौरान होगी।ये लोग होंगे शामिल
वहीं, इस तीन दिवसीय मीटिंग में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सभी छह सह-सरकार्यवाह, अखिल भारतीय विभागों के प्रमुख और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शामिल होंगे। साथ ही उम्मीद है कि संगठन के पूरे ढांचे से पदाधिकारियों के इसमें शामिल होने की उम्मीद है। इसमें सभी प्रांतों के प्रांत संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक मौजूद रहेंगे। उनके साथ सह-स्तर के पदाधिकारी भी शामिल होंगे।
काफी महत्वपूर्ण है यह बैठक
इसी तरह से इस बैठक में 11 क्षेत्रों से संघचालक, कार्यवाह और प्रचारक के साथ सह-क्षेत्र स्तर के पदाधिकारी भी इसमें मौजूद रहेंगे। यह बैठक काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि यह संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान देश भर में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के समापन के बाद हो रही है। इन कार्यक्रमों का समापन हाल ही में मनाए गए विजयादशमी उत्सव के साथ हुआ है।ये मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
इस बैठक में उन अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है, जिन्हें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने इसी साल अपने विजयादशमी संबोधन में उठाया था। साथ ही शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित किए गए कार्यक्रमों की व्यापक समीक्षा भी की जाएगी।
इन विषयों पर भी होगा मंथन
वहीं, आरएसएस की इस बैठक में संगठनात्मक मामलों के अलावा, कई समसामयिक मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है। इनमें नए मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े विषय और चुनौतियां, नशीले पदार्थों के सेवन को लेकर बढ़ी चिंताएं, भारत के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप और बदलती वैश्विक परिस्थितियां शामिल हैं।
निर्णय लेने वाली कमिटी है यह
अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल आरएसएस की प्रमुख निर्णय लेने वाली इकाइयों में से एक है। इंदौर में होने वाली बैठक में, आंतरिक समीक्षाओं और बाहरी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए हैं। आने वाले समय के लिए संगठन की प्राथमिकताओं और कार्य योजनाओं को तय किए जाने की उम्मीद है।
प्रमुख रणीनितियों को अंतिम रूप दिया जाएगा
वहीं, तीन दिनों तक चलने वाली इस बैठक में संगठन की प्रमुख रणनीतियों को अंतिम रूप दिए जाने और उभरती सामाजिक और राष्ट्रीय चुनौतियों से निपटने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलने की संभावना है। साथ ही आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी आने वाले वर्षों में संघ की पहुंच बढ़ाने और वैचारिक कार्यों को और मजबूत करने पर भी चर्चा करेंगे।










































