नगर पालिका बालाघाट ने विसर्जन कुण्ड एवं नदीघाट पर किए व्यापक प्रबंध; हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया भंडारा-प्रसाद
बालाघाट। सनातन परंपरा के प्रमुख महापर्वों में शामिल शारदीय नवरात्र में श्रद्धालु नौ दिनों तक पूरी श्रद्धा और भक्तिभाव से मां दुर्गा की आराधना करते हैं। पर्व के समापन पर नम आंखों से मां भगवती को विदाई देते हुए प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। इस पावन अवसर को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए नगर पालिका परिषद बालाघाट ने विसर्जन कुण्ड एवं नदीघाट पर व्यापक व्यवस्थाएं कीं।
छोटे पुल स्थित वैनगंगा नदी के छोटे पुल के नीचे छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए कुण्ड बनाया गया था। बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए दो क्रेनों की व्यवस्था की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए नगर पालिका कर्मचारियों की तैनाती तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई। विसर्जन स्थल पर नगर में विराजित दुर्गा प्रतिमाओं के छायाचित्र भी प्रदर्शित किए गए, ताकि श्रद्धालु नगर में स्थापित मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों को देख सकें।
विसर्जन स्थल पर नगर पालिका की ओर से संगीत की व्यवस्था भी की गई। श्रद्धालुओं ने संगीत के साथ मां की आरती की और माता की विदाई पर भक्तिभाव से नृत्य किया। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल और भंडारा-प्रसाद की व्यवस्था रही। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और नगर पालिका की व्यवस्थाओं की सराहना की। पूजा सामग्री एवं निर्माल्य एकत्र करने की अलग व्यवस्था की गई, ताकि फूल-माला और पूजन सामग्री जलस्रोतों में न जाए और स्वच्छता बनी रहे।साथ ही इस निर्माल्य से पेड़ों में डालने वाली खाद बनाई जावेगी ।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर विसर्जन स्थल पर अपने पार्षदों एवं सभापतियों के साथ पूरे समय उपस्थित रहीं और व्यवस्थाओं पर नजर रखी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी सूर्यप्रकाश उके भी पूरे समय स्थल पर मौजूद रहे। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं और आमजन की सुरक्षा के लिए व्यापक एवं चाक-चौबंद बंदोबस्त किया। पुलिसकर्मियों ने भीड़ और आवागमन को व्यवस्थित रखते हुए सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा।
अध्यक्ष भारती ठाकुर ने कहा कि मां भगवती का यह पर्व श्रद्धा और सम्मान का पर्व है। भक्तिभाव से पूजन करने के साथ विसर्जन के समय सुरक्षा और स्वच्छता का ध्यान रखना भी हम सभी की जिम्मेदारी है। नगर पालिका ने श्रद्धालुओं की सुविधा, प्रतिमाओं के सम्मानजनक विसर्जन और निर्माल्य एकत्रीकरण के लिए यथासंभव बेहतर प्रबंध किए। उन्होंने नवरात्र और विसर्जन पर्व को श्रद्धा एवं सद्भाव से मनाने के लिए नगरवासियों और सभी दुर्गा उत्सव समितियों का आभार व्यक्त किया।
दुर्गा उत्सव समितियों का होगा सम्मान
दुर्गा उत्सव समितियों के आयोजनों का विभिन्न विधाओं—प्रतिमा, साज-सज्जा, स्वच्छता, अनुशासन एवं अन्य व्यवस्थाओं—के आधार पर निरीक्षण किया गया है। इसके परिणाम शीघ्र घोषित किए जाएंगे। आगामी समय में विशेष आयोजन कर सभी समितियों को आमंत्रित किया जाएगा और उत्कृष्ट कार्य करने वाली समितियों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर समितियों से सुझाव लेकर विचार किया जाएगा कि आने वाले वर्षों में नवरात्र पर्व को और अधिक भव्य, व्यवस्थित और अच्छा कैसे बनाया जा सकता है।










































