पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर यह भी कहा कि संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए 82 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सत्रावसान नहीं किया गया है।कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि अगर गृह मंत्री अमित शाह कथित वोट चोरी के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाने को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें पहले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित करना चाहिए और मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) रोकना चाहिए। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर यह भी कहा कि संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुए 82 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक सत्रावसान नहीं किया गया है।
विशेष सत्र को लेकर रखी शर्त
उन्होंने कहा, अगर गृह मंत्री वोट चोरी पर विशेष सत्र बुलाने को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें सबसे पहले अपने हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल किए जा रहे सीईसी ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा सुनिश्चित करना चाहिए। उन्हें एसआईआर भी स्थगित करना चाहिए। रमेश ने महिला आरक्षण और परिसीमन से संबंधित विषय का उल्लेख करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सरकार को अपने नए प्रस्ताव विपक्ष के साथ काफी पहले साझा करने चाहिए।
सर्वदलीय बैठक बुलाने का साहस क्यों नहीं है?
कांग्रेस नेता सवाल किया कि गृह मंत्री में इन प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने का साहस क्यों नहीं है? रमेश ने आरोप लगाया, ऐसा इसलिए है क्योंकि गृह मंत्री अब भी लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत के साथ परिसीमन विधेयक पारित कराने के लिए विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर रहे हैं। इन विधेयकों की विषयवस्तु अभी तक ज्ञात नहीं है, हालांकि उनका मकसद स्पष्ट है- 2029 में भाजपा को सामने दिख रही हार से बचाना।जयराम रमेश ने गृह मंत्री पर निशाना साधा
रमेश ने गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कथित वोट चोरी पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने की बात कर रहे हैं, जबकि पिछले साल जब पूरे विपक्ष ने एसआईआर पर चर्चा की मांग की थी तो उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि एसआईआर निर्वाचन आयोग का अधिकार क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को पहले अपनी मांगों पर अमल करना चाहिए और परिसीमन के प्रस्तावों पर विपक्ष के साथ पारदर्शी तरीके से चर्चा करनी चाहिए।










































