लांजी मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम कड़ता-सर्रा मार्ग में सोन नदी पर बना पुल का एप्रोच मार्ग इस वर्ष की पहली बारिश में पुन: बह गया। इससे पूर्व यह एप्रोच मार्ग आज से लगभग 11 माह पूर्व गत वर्ष 28 अगस्त 2020 की रात्रि में पानी के तेज बहाव से बह गया था। जिसे उस वक्त आवागमन के हिसाब से जैसे-तैसे ट्रैक्टरों से मिट्टी पाटकर आवागमन प्रारम्भ किया गया था किन्तु कलेक्टर दीपक आर्य के आदेश के बावजूद पुरे 11 माह बीत जाने के बाद भी पक्का एप्रोच मार्ग का निर्माण नही किया जा सका एवं मिट्टी मुरम पाटकर चलने लायक बनाया गया मार्ग पहली ही बारिश में बह गया। मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग सेतू परिक्षेत्र द्वारा 160 मीटर के पुल का निर्माण किया गया था। यह पुल 8 करोड़ 10 लाख 39 हजार की लागत से बनाया गया था।

वर्ष 2013-14 में यह पुल बनकर तैयार हुआ एवं इसी के साथ ही पुल से लगकर एप्रोच मार्ग भी बनाया गया। गत वर्ष अगस्त 2020 में हुई भारी बारिश के चलते नदी में बाढ़ आ गई थी जिसके तेज बहाव से पुल का एप्रोच मार्ग ही बह गया था। जिसके उपरान्त मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया था। लगभग सप्ताह भर के बाद प्रशासन के द्वारा बहे हुए एप्रोच मार्ग पर मुरूम मिट्टी डालकर पुल पर पुन: आवागमन प्रारंभ कराया गया था एवं मार्ग का पक्का निर्माण किया जाना था किन्तु गर्मी का पुरा मौसम बीत जाने के बाद भी इस मार्ग की कोई सुध नही ली गई एवं आज फिर पहली बारिश के चलते एप्रोच मार्ग बह गया। मार्ग में बीच में थोड़ी जगह बाकी है जिससे दू पहिया वाहन एवं पैदल चलने वाले निकल पा रहे है, चार पहिया वाहनों का आवागमन बंद हो गया। इस मार्ग के कटने के कारण क्षेत्र के दर्जन भर गावों लोगो को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। मार्ग के कटने के चलते एवं वहां किसी तरह का संकेतक बोर्ड अथवा बेरिकेट लगे नही होने के कारण कोई गंभीर घटना घटित हो सकती है। प्रशासन को चाहिए कि उक्त स्थल की बेरिकेटिंग की जावे एवं उक्त स्थल पर सूचना बोर्ड लगवाया जावें तथा को तुरन्त दुरस्त किया जावें।
कलेक्टर ने निरीक्षण कर गुणवत्ता पूर्ण मार्ग निर्माण की कही थी बात
गत वर्ष 28 अगस्त 2020 की रात्रि में पानी के तेज बहाव से सोन नदी पर बने उक्त का एप्रोच मार्ग बहने के उपरान्त 9 सितम्बर 2020 को जिला कलेक्टर दीपक आर्य के द्वारा निरीक्षण कर गुणवत्ता पूर्वक मार्ग का निर्माण किये जाने संबंधी बात कही थी। 9 सितंबर को कलेक्टर दीपक आर्य ने दौरा कर साथ में आए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के कार्यपालन यंत्री एल एस इनवाती, उपयंत्री श्री पांडे को भविष्य की दृष्टि से पक्का स्ट्रक्चर बनाकर सुचारू व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए थे। किन्तु कलेक्टर द्वारा दिये गये निर्देशों का 11 माह बाद भी पालन नही हो पाया एवं क्षेत्र के लोगो को पुन: परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वर्तमान में फोर व्हीलर वाहनों का इस मार्ग से आना जाना बंद हो गया है एवं इसी तरह दोनों ओर से कटाव जारी रहा तो जल्द ही यह मार्ग पुरी तरह से आवागमन के लिए बाधित हो जायेगा। यह भी बता दे कि यहां मार्ग के दोनों ओर कटाव होने के बाद भी लोक निर्माण विभाग द्वारा ना तो कोई सूचना बोर्ड लगाया है ना ही बांस बलिया लगाकर बेरिकेटिंग की गई है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके।











































