भोपाल नगर निगम द्वारा 5 साल पहले हर घर में पानी का मीटर लगाने का दावा किया था। नगर निगम भोपाल ने मीटर लगाने में 16 करोड़ रुपए खर्च कर दिए थे। भोपाल के पाश इलाकों में यह मीटर लगाए गए थे। कुछ समय के बाद ही विरोध होने पर यह मीटर या तो चोरी चले गए या निकाल लिए गए।
उस समय जो मीटर लगाए गए थे।उस में जब पानी आता था।उसके पहले पाइप लाइन में जो हवा आती थी। उससे भी वह मीटर रीडिंग बताते थे। उसके बाद नगर निगम ने मीटर लगाना बंद करवा दिए थे।
कागजों पर जो मीटर उस समय लगे लगे थे। उनसे अब 100 रुपए महीने की पेनाल्टी वसूल करने अथवा नया मीटर लगाने का बोझ फिर से डालने की तैयारी की जा रही है। नगर निगम भोपाल अब स्पॉट बिलिंग शुरू करेगी।जिन घरों में मीटर लगे हुए नहीं मिलेंगे। उनसे 100 रुपये अतिरिक्त पेनाल्टी प्रतिमाह वसूल करने की कार्यवाही शुरू हो गई है।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार भोपाल में 2014 से 2018 के बीच 1,25,000 घरों में मीटर लगाने का दावा किया जा रहा है। मीटर के नाम पर उस समय 1400 रुपए तक नगर निगम ने वसूल किए थे। निगम ने बिना सहमति के यह मीटर खुले में लगाए थे। जो लगने के साथ ही चोरी हो गए। इसकी शिकायतें भी नगर निगम को तुरंत की गई थी। उस समय नगर निगम ने चुप्पी साध ली थी। जिसके कारण घोटाला और चोरी गए मीटरों का कोई पता नहीं लगा।










































