खैरी गांव के बाहर हुए पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट को आज लगभग 6 वर्ष हो जाएंगे किंतु जब भी यह दिन आता है तो सभी आम जन के रोंगटे खड़े हो जाते हैं जिस प्रकार से इस पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था और लगभग 26 लोगों की इस घटना में मौत हुई थी उसको लेकर आज भी उनके परिजन यह घटना को नहीं बुलाए हैं भले ही प्रशासन इस घटना को भूल गया हो एवं घटना के साथ-साथ 26 लोगों के मृतकों के परिजनों से किए हुए वादे भी आज जिला प्रशासन सहित संबंधित विभाग द्वारा जो वादे किए गए थे वह आज भी अधूरे हैं भले ही कुछ लोग को मुआवजा जरूर मिला है
7 जून 2017 को जिला मुख्यालय से लगे ग्राम खैरी में गाँव के बाहर एक पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा रही थी जिसमें अचानक विस्फोट होने से यहां पर लगभग 26 लोगों की मौत हादसे में हुई थी और जिला प्रशासन द्वारा इनके परिजनों से मुआवजा के साथ-साथ कुछ वादे किए गए थे जो आज भी अधूरे हैं घटना के कुछ दिन बाद तक जरूर जिला प्रशासन और राजनीतिक जनप्रतिनिधियों द्वारा मृतकों के परिजनों से सहानुभूति रखी गई थी किंतु जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे वैसे शासन प्रशासन और राजनेताओं ने इन परिजनों से दूरियां बढ़ाती चली गई आज लगभग 6 वर्ष बीत जाने के बाद किसी भी शासन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को मृतकों के परिजनों से किए गए वादे पूर्णता भुला दिए गए हैं एवं इस घटना में बहुत से ऐसे परिजन हैं जिनके घर में कमाने वाले अब कोई नहीं बचे हैं एवं वह मजदूरी कर अपना भरण पोषण कर रहे हैं जबकि उस समय मृतकों के परिजनों से कहा गया था कि उनके परिजनों को एक-एक नौकरी दी जाएगी तो जिन घरों में बड़े सामाजिक काम है उनका खर्चा उठाया जाएगा किंतु घटना के बीत जाने के बाद कोई भी जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन द्वारा आज तक उन परिजनों से ना ही मिला गया है और ना ही उनके हालचाल जानने की कोशिश की गई है जबकि देखा जाए तो इस घटना को बीते हुए लगभग 6 वर्ष हो चुके हैं और आज तक इस घटना की जिस प्रकार से जांच करवाने की बात कही जा रही थी तो जांच रिपोर्ट भी आज तक सार्वजनिक नहीं की गई और ना ही इसकी रिपोर्ट को मृतकों के परिजनों को दिखाई गई है वही मानवता का परिचय देते हुए ग्राम पंचायत खैरी द्वारा हर साल 7 जून के आज के दिन अपने स्तर पर मृतकों के परिजनों को बुलाकर पुण्यतिथि का कार्यक्रम ग्राम पंचायत में ही किया जा रहा है एवं वहा भी जब पंचायत के द्वारा संबंधित विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को बुलाया जाता है तो वह भी इस दिन कार्यक्रम में उपस्थित नहीं होते ऐसे ग्राम के सरपंच द्वारा बताया गया है
जिस प्रकार से प्रशासन द्वारा नौकरी देने की बात कही गई थी वह वादा पूरा नहीं किया गया- डोमंतीबाई माहुले
भटेरा वार्ड नंबर 2 निवासी डोमंतीबाई माहुले बताती हैं उक्त घटना में उनके बड़े बेटे सुनील माहुले की मृत्यु हुई थी एवं उस समय उन्हें मुआवजा तो मिल गया किंतु जिस प्रकार से प्रशासन द्वारा नौकरी देने की बात कही गई थी वह वादा पूरा नहीं किया गया नगर पालिका से प्राइवेट काम के लिए कहां जा रहा था किंतु वह भी नहीं हुआ और ना ही अभी तक कोई प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध लेने उनके घर पहुंचा है उनके यहां कोई भी कमाने वाला प्रमुख सदस्य नहीं है अब वह खुद बनी मजदूरी कर अपना जीवन यापन कर रहे हैं और ना ही इस विषय की जांच रिपोर्ट आज तक उनके हाथ में आई हैं कि उक्त घटना किस प्रकार हुई है
आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन द्वारा शादी में एक लाख रूपये देने का वादा किया गया था ,शादी हुई तो गौरी भाऊ द्वारा किसी प्रकार की कोई राशि नहीं दी गई- मायाबाई
ग्राम खैरी की रहने वाली मायाबाई बताती है कि उनकी बिटिया की इस घटना में मृत्यु हुई थी और शासन से मुआवजा तो मिल गया किंतु घर पर कोई भी दूसरी सहायता राशि या जो वादे किए गए थे वह पूरे नहीं किए गए जबकि उनकी दूसरी बेटियों के लिए आयोग अध्यक्ष गौरीशंकर बिसेन द्वारा शादी में एक लाख रूपये देने का वादा किया गया था किंतु जब शादी हुई तो गौरी भाऊ द्वारा किसी प्रकार की कोई राशि नहीं दी गई जबकि उनके द्वारा आयोग अध्यक्ष को शादी का कार्ड भी पहुंचाया गया था पर कार्ड मिला या नहीं मिला उन्हें इसकी जानकारी नहीं है पर उनके द्वारा कार्ड भिजवा दिया गया था और शादी होने के बाद आज तक उन्हें एक लाख रूपये की राशि भी नहीं दी गई और आज उनके हालचाल जानने कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या जनप्रतिनिधि उनके घर तक नहीं आया है और उस समय वादे करके सभी आज भूल गए हैं उन्होंने यह भी बताया कि उस समय कहां जा रहा था कि उक्त घटना किस कारण हुई है उसकी भी आज तक कोई जांच की रिपोर्ट उनके तक नहीं आई है ग्राम पंचायत द्वारा साल में एक बार अपने तरफ से पुण्यतिथि मनाई जाती है तो वह हर साल ग्राम पंचायत में पुण्य तिथि के दिन पहुंचते हैं
जिला प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों को भी इसका आमंत्रण देते हैं लेकिन कोई भी इस कार्यक्रम में नहीं आता है – गौरीशंकर मोहारे
ग्राम पंचायत खैरी के सरपंच गौरीशंकर मोहारे द्वारा बताया गया कि वह अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर मानवता को देखते हुए हर साल खैरी ग्राम पंचायत में उक्त घटना में मृत हुए लोगों की पुण्यतिथि अपनी ओर से मनाते हैं और इसकी जानकारी 1 दिन पहले सभी मृतकों के परिजनों को देते हैं और अपने स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित करते हैं लगभग यह 6 वर्षों से उनके द्वारा आयोजित किया जा रहा है और इस वर्ष भी 7 जून को भी यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत में आयोजित किया जाएगा किंतु मृतकों के परिजन बताते हैं कि शासन पशासन और राजनेताओं के द्वारा जो वादे किए गए थे वह वादे आज तक पूरे नहीं किए गए हैं जबकि वह यह कार्यक्रम आयोजित करते हैं तो जिला प्रशासन सहित जनप्रतिनिधियों को भी इसका आमंत्रण देते हैं लेकिन कोई भी जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन का प्रतिनिधि उनके कार्यक्रम में नहीं आता है और वह चाहते हैं कि जब उनके द्वारा सभी को 7 जून को यहां एकत्रित किया जाता है तो प्रशासन के अधिकारियों को इस कार्यक्रम में पहुंचकर उनकी तकलीफ जाना चाहिए










































