मोबाइल यूजर्स को सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए सलाह दी जाती है कि वह प्ले स्टोर से ही मोबाइल ऐप्लिकेशन को इंस्टाल करें। लेकिन, अब क्रिमिनल्स इतने शातिर हो चुके हैं कि प्ले स्टोर पर फेक ऐप को लिस्ट करने लगे हैं ताकि लोगों को ठगी का शिकार आसानी से बनाया जा सकेनई-नई टेक्नोलजी ने हमारी जिंदगी को जितना आसान बनाना है इसके उतने ही कुछ नकुसान भी हैं। पिछले कुछ समय में साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। साइबर क्राइम पर लगाम कसने के लिए जहां सरकार एक तरफ लगातार कदम उठा रही है वहीं दूसरी तरफ साइबर क्रिमिनल्स लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए कदम उठा रहे हैं। अब साइबर क्रिमिनल्स की पहुंच गूगल प्ले स्टोर तक हो चुकी है।
मोबाइल यूजर्स को सेफ्टी और सिक्योरिटी के लिए सलाह दी जाती है कि वह प्ले स्टोर से ही मोबाइल ऐप्लिकेशन को इंस्टाल करें। लेकिन, अब क्रिमिनल्स इतने शातिर हो चुके हैं कि प्ले स्टोर पर फेक ऐप को लिस्ट करने लगे हैं ताकि लोगों को ठगी का शिकार आसानी से बनाया जा सके। इस बीच एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। गूगल प्ले स्टोर पर एकदम असली जैसे देखने वाले फेक Chrome App की पहचान हुई है।
प्ले स्टोर पर मिलने वाला यह क्रोम ऐप हू-ब-हू असली क्रोम ऐप की तरह दिखाता है। साइबर क्रिमिनल्स ने इसे इस तरह से डिजाइन किया है कि इसकी पहचान कर पाना बेहद मुश्किल है। मतलब एक नजर में इसे कोई भी असली क्रोम ऐप मान सकता है। आपको यह जानकार हैरानी होगी इस फेक ऐप को 1 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। इसलिए अगर आप प्ले स्टोर से ऐप इंस्टाल करते हैं तो आपको बेहद सावधान रहने की जरूरत है, वरना आपकी एक गलती बड़ा नुकसान करा सकती है।मामला सामने आने के बाद Google ने इस ऐप को Play Store से हटा दिया। PhoneArena की रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऐप Hizbartech नाम के डेवलपर के अकाउंट से लिस्ट किया गया था। इसकी जानकारी Reddit पर एक यूजर की पोस्ट के जरिए सामने आई थी।
असली Chrome से मिलता-जुलता था ऐप
रिपोर्ट के अनुसार, फर्जी ऐप का नाम और आइकन Google Chrome से काफी मिलता-जुलता था। इसकी वजह से यूजर्स के लिए दोनों के बीच अंतर पहचानना मुश्किल हो सकता था। इतना ही नहीं, Play Store पर इसकी लिस्टिंग असली Chrome ब्राउजर से ऊपर दिखाई दे रही थी। रिपोर्ट में बताया गया कि इस ऐप को 1 लाख से ज्यादा इंस्टॉल मिले थे। वहीं, असली Google Chrome के डाउनलोड 10 अरब से भी ज्यादा हैं। ऐसे में अगर कोई यूजर बिना जानकारी जांचे ऐप डाउनलोड करता, तो उसके फर्जी ऐप इंस्टॉल करने की आशंका बढ़ सकती थी।
पहले गेम के नाम से मौजूद था ऐप
इस पूरे मामले में एक और दिलचस्प बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, यह ऐप शुरुआत में Play Store पर ‘Ball Bounce’ नाम के गेम के तौर पर मौजूद था। जानकारी के अनुसार, इसे 22 अगस्त को लिस्ट किया गया था। इसके बाद 30 सितंबर को इसका नाम बदलकर Chrome कर दिया गया और आइकन भी असली ब्राउजर जैसा कर दिया गया। इस बदलाव के कारण यूजर्स को यह ऐप Google के आधिकारिक ब्राउजर जैसा लग सकता था।
Google Play Store पर ऐप डाउनलोड करते समय रखें ध्यान
यह घटना बताती है कि किसी ऐप का Play Store पर मौजूद होना ही उसके असली या सुरक्षित होने का पक्का सबूत नहीं है। इसलिए कोई भी ऐप इंस्टॉल करने से पहले कुछ जरूरी बातें जांचना बेहतर है।
- डेवलपर का नाम देखें: Google Chrome का आधिकारिक डेवलपर Google LLC है। ऐप की लिस्टिंग में यह नाम जरूर जांचें।
- ऐप की डिटेल्स पढ़ें: ऐप का विवरण, उपलब्ध स्क्रीनशॉट और दिए गए फीचर्स देखें।
- रिव्यू पर नजर डालें: दूसरे यूजर्स के अनुभव और हाल के रिव्यू पढ़ें। केवल रेटिंग के आधार पर फैसला न लें।
- डाउनलोड की संख्या जांचें: डाउनलोड की संख्या उपयोगी संकेत हो सकती है, लेकिन ज्यादा डाउनलोड होने का मतलब यह नहीं कि ऐप पूरी तरह सुरक्षित है।
- जल्दबाजी में इंस्टॉल न करें: सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर दिखने वाले ऐप को बिना जांचे डाउनलोड करने से बचें।
फोन में फर्जी Chrome ऐप दिखे तो क्या करें?
अगर आपके फोन में ऐसा कोई ऐप मौजूद है, तो सबसे पहले उसके डेवलपर और ऐप की पहचान की जांच करें। अगर वह संदिग्ध लगे, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें और उसे अनइंस्टॉल करें। इसके बाद Google Play Protect से फोन पर सुरक्षा जांच चलाएं और अपने फोन के सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें।










































