HDFC बैंक का कमाल: चौथी तिमाही में नेट प्रॉफिट 8% बढ़ा, कमाया ₹20,351 करोड़ का भारी-भरकम मुनाफा।

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HDFC Bank Result: निजी क्षेत्र के देश के सबसे बड़े बैंक, एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) ने शनिवार को अपने चौथी तिमाही (Q4) के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। बैंक द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में बैंक का एकीकृत शुद्ध लाभ (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 8.04 प्रतिशत बढ़कर 20,350.76 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की इसी समान अवधि में बैंक ने 18,834.88 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि विलय के बाद भी बैंक अपनी विकास दर को मजबूती से बरकरार रखने में सफल रहा है।

कितनी हुई कमाई?

समीक्षाधीन तिमाही (जनवरी-मार्च 2026) के दौरान बैंक की कुल आय में भी वृद्धि देखी गई है। बैंक की कुल आय बढ़कर 89,809 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले साल इसी तिमाही में 89,488 करोड़ रुपये थी। बैंक के लिए एक और सकारात्मक पहलू इसके खर्चों में आई कमी रही। बैंक का कुल खर्च 62,951 करोड़ रुपये से घटकर 62,006 करोड़ रुपये रह गया है, जिसका सीधा असर बैंक के मुनाफे पर सकारात्मक रूप से पड़ा है। यदि एकल (Standalone) शुद्ध लाभ की बात करें, तो इसमें सालाना आधार पर 9.11 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो अब 19,221.05 करोड़ रुपये हो गया है।

एसेट क्वालिटी और NPA में सुधार

बैंक की एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी अच्छी खबर आई है। बैंक का सकल गैर-निष्पादित संपत्ति (GNPA) अनुपात गिरकर 1.15 प्रतिशत पर आ गया है। यह दिसंबर 2025 की तिमाही में 1.24 प्रतिशत और एक साल पहले इसी अवधि में 1.33 प्रतिशत था। एनपीए में आई यह निरंतर गिरावट बैंक की लोन रिकवरी और बेहतर प्रबंधन को दर्शाती है। बैंक के इन मजबूत नतीजों से आने वाले समय में शेयर बाजार और निवेशकों के बीच सकारात्मक संदेश जाने की उम्मीद है।

यस बैंक के मुनाफे में 45% का उछाल

यस बैंक (YES Bank) ने अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों में शानदार प्रदर्शन किया है। बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में उसका शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर 45 प्रतिशत बढ़कर 1,068 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक ने 735 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। मुनाफे में यह जोरदार उछाल मुख्य रूप से बैंक की आय में बढ़ोतरी और कर्ज के प्रावधानों में आई कमी की वजह से संभव हुआ है।

बैंक की वित्तीय सेहत में सुधार के साथ-साथ इसकी ब्याज से होने वाली शुद्ध आय (NII) में भी अच्छी बढ़त देखी गई है। साथ ही, एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी यस बैंक के लिए राहत भरी खबर है, क्योंकि उसके एनपीए (NPA) के आंकड़ों में गिरावट आई है। यह नतीजे संकेत देते हैं कि यस बैंक संकट के दौर से बाहर निकलकर अब स्थिरता और मुनाफे की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। बैंक के इस प्रदर्शन से निवेशकों और शेयर बाजार में सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है।

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