IndiaAI Global Acceleration Program: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत संचालित IndiaAI Mission ने ‘इंडियाएआई स्टार्टअप ग्लोबल एक्सेलरेशन प्रोग्राम’ के दूसरे चरण के लिए 10 भारतीय स्टार्टअप्स को चुना है। यह कार्यक्रम एफ, पेरिस और एचईसी पेरिस के साथ साझेदारी के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करना है।
अलग-अलग उभरते क्षेत्रों से जुड़े हैं स्टार्टअप्स
इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम के लिए चुने गए स्टार्टअप अलग-अलग उभरते क्षेत्रों से जुड़े हैं। इनमें हेल्थ-टेक, क्लाइमेट-टेक, एजुकेशन-टेक, सैटेलाइट इंटेलिजेंस और कॉग्निटिव AI क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप हैं । चयनित कंपनियों में एआई हेल्थ हाईवे इंडिया, अविरोस, कॉग्नेक्टो, फ्लॉन्ट, ग्रीनफाई.एआई, क्लाइमेटफोर्स टेक्नोलॉजीज, इन्फीहील हेल्थटेक, इनलुस्ट्रो लर्निंग, प्रेडको, स्कायसर्व हाईस्पेस टेक्नोलॉजीज और टेस्टएआईंग सॉल्यूशंस जैसे नाम शामिल हैं।
आईएसजी बैच II के लिए चुने गए स्टार्टअप्स
कॉग्नेक्टो: इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे सड़क, बिल्डिंग) की स्थिति समझने और सुधारने के लिए AI प्लेटफॉर्म देता है।
फ्लॉन्ट: फैशन ट्रेंड और छोटे वीडियो मार्केटिंग को AI की मदद से आसान बनाता है।
ग्रीनएफआई.एआई: कंपनियों को पर्यावरण और नियमों से जुड़े जोखिम को समझने और मैनेज करने में मदद करता है।
इन्फीहील हेल्थटेक: “हेलो” नाम का AI टूल, जो मानसिक स्वास्थ्य के लिए बातचीत के जरिए मदद करता है।
इनलस्ट्रो लर्निंग: AI के जरिए जॉब से पहले प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और स्किल टेस्ट करने का प्लेटफॉर्म देता है।
प्रेडको: फैक्ट्री और मैन्युफैक्चरिंग में काम को बेहतर और नियमों के अनुसार चलाने में मदद करता है।
स्काईसर्व (हाइस्पेस टेक्नोलॉजीज): धरती और अंतरिक्ष की निगरानी के लिए AI आधारित टेक्नोलॉजी बनाता है।
टेस्टएआईएनजी सॉल्यूशंस: AI सिस्टम सही और सुरक्षित तरीके से काम करे, इसके लिए टेस्टिंग और जांच करता है।
इस पहल के तहत चुने गए स्टार्टअप्स को ग्लोबल एक्सपैंशन के लिए जरूरी हर तरह की सहायता दी जाएगी। इसमें विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, निवेशकों से संपर्क और अंतरराष्ट्रीय बाजार की समझ विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं। इससे ये स्टार्टअप्स न सिर्फ अपनी तकनीक को बेहतर बना पाएंगे, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए भी तैयार होंगे।
स्टार्टअप्स अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए होंगे तैयार
कार्यक्रम की संरचना भी खास है। सबसे पहले चयनित स्टार्टअप्स को तीन सप्ताह की ऑनलाइन ट्रेनिंग दिया जाएगी, जिसमें उन्हें बिजनेस स्ट्रेटेजी, मार्केटिंग और अंतरराष्ट्रीय विस्तार की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इसके बाद फ्रांस की राजधानी Paris में तीन महीने का एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जहां ये स्टार्टअप्स वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने के लिए तैयार होंगे।
यह पहल भारत की राष्ट्रीय AI रणनीति के अनुरूप है, जिसका मकसद देश में विश्वस्तरीय AI कंपनियां तैयार करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्ञान का आदान-प्रदान बढ़ाना है।










































