‘ईरान संकट का जिन्न’ एक बार फिर बोतल से बाहर आ चुका है। इसका असर शेयर बाजार पर अगले हफ्ते दिखाई दे सकता है। मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि सोमवार से शुरू हो रहे नए सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भारत के प्रमुख वृहद आर्थिक आंकड़ों से तय होगी। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य घटनाक्रम के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
इन आंकड़ों पर रहेगी निवेशकों की नजर
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा कि निवेशक औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के आंकड़ों, एचएसबीसी के अंतिम विनिर्माण, सेवा और समग्र पीएमआई (खरीद प्रबंधक सूचकांक) तथा विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों पर विशेष नजर रखेंगे। इन आंकड़ों से घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण संकेत मिलेंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों की दिशा और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने रहेंगे। इसके अलावा, एक जुलाई को जारी होने वाले विभिन्न वाहन कंपनियों के मासिक बिक्री आंकड़ों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।
तनाव बढ़ने पर गिरावट की आशंका
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा कि आने वाले सप्ताह में बाजार की चाल काफी हद तक भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव के बाद पश्चिम एशिया की स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखेंगे।
उन्होंने कहा कि यदि दोनों पक्षों के बीच बातचीत दोबारा शुरू होने या तनाव कम होने के संकेत मिलते हैं तो इससे बाजार में जोखिम लेने की धारणा मजबूत हो सकती है। वहीं, यदि तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक आर्थिक वृद्धि और ऊर्जा बाजार को लेकर निवेशकों की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
मानसून की प्रगति भी महत्वपूर्ण
पोनमुडी ने कहा कि घरेलू स्तर पर दक्षिण-पश्चिम मानसून की प्रगति भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि इसका असर कृषि उत्पादन, ग्रामीण मांग और महंगाई पर पड़ सकता है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संपदा प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि इस सप्ताह भारत के विनिर्माण पीएमआई और मई महीने के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों के अलावा अमेरिका के विनिर्माण सूचकांक पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। बीते सप्ताह बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 297.57 अंक यानी 0.38 प्रतिशत मजबूत हुआ, जबकि एनएसई का निफ्टी 42.90 अंक यानी 0.17 प्रतिशत की बढ़त में रहा।









































