सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम 2024 के मुताबिक भारतीय राज्यों में बिहार की कुल प्रजनन दर सबसे ज्यादा 2.9 है। बिहार के बाद इस लिस्ट में उत्तर प्रदेश (2.6) और मध्य प्रदेश (2.4) का नंबर है। इन राज्यों का टोटल फर्टिलिटी रेट 2.1 के रिप्लेसमेंट लेवल और देश के 1.9 के औसत से काफी ज्यादा हैं। बिहार को उसके पिछड़ेपन, महिलाओं पर पड़ने वाले बोझ के प्रति संवेदनहीनता और फैमिली प्लानिंग अपनाने की अनिच्छा के लिए कोसा जा रहा है। ये सारी बातें सच हैं। लेकिन यह राज्य अनजाने में ही सही, दुनिया भर में फैल रही एक नई समस्या के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी ढाल बन रहा है। यह समस्या है जनसंख्या में भारी गिरावट।
आज के दौर में आबादी से जुड़ा सबसे बड़ा डर अब जनसंख्या विस्फोट नहीं, बल्कि उसमें आ रही भारी गिरावट है। यह एक एजिंग क्राइसिस यानी बुढ़ा रही आबादी का संकट पैदा करता है। इसमें बच्चों की संख्या बहुत कम हो जाती है, काम करने वालों की संख्या घट जाती है और आर्थिक विकास ठहर जाता है।










































