संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर पाकिस्तान को घेरा है। भारत के फर्स्ट सेक्रेटरी रघु पुरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में तथ्यों की गलत जानकारी देना स्वीकार नहीं हैIndia Slams UN Rapporteur: भारत ने संयुक्त राष्ट्र के एक काउंटर-टेररिज्म रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम के संदर्भ में फैलाई गई तथ्यात्मक अशुद्धियों और पूर्वाग्रह को लेकर यूएन रैपर्टियर (UN Rapporteur) की कड़ी आलोचना की है। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मानवाधिकार के ढांचे का इस्तेमाल आतंकवाद को छिपाने या न्यायसंगत ठहराने के लिए नहीं किया जा सकता। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र के दौरान भारतीय राजनयिक रघु पुरी (Raghoo Puri) ने इस रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिना किसी जवाबदेही के तथ्यात्मक रूप से गलत रिपोर्ट जारी करना बेहद गंभीर चिंता का विषय है।
तथ्यों की गलत जानकारी देना स्वीकार नहीं
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर एक बार फिर पाकिस्तान को घेरा है। भारत के फर्स्ट सेक्रेटरी रघु पुरी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में तथ्यों की गलत जानकारी देना स्वीकार नहीं है। रघु पुरी ने कहा कि दाऊद इब्राहिम 1993 से भारत में हुए आतंकवादी हमलों के मामले में वांछित है। संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध सूची में भी इसका जिक्र है।
उन्होंने कहा कि दाऊद उसी देश में रहता है, जहां ओसामा बिन लादेन मिला था और उसे मार गिराया गया था। भारत ने कहा कि मानवाधिकारों के नाम पर आतंकवादियों और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वालों को बचाया नहीं जा सकता। आतंकवाद को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए रघु पुरी ने कहा कि उसका बयान केवल राजनीतिक फायदे के लिए किया गया प्रचार है और इसके पीछे पाकिस्तानी सेना के हित हैं।
रिपोर्ट में क्या थी गड़बड़ी?
यूएन के स्पेशल रैपर्टियर बेन सॉल (Ben Saul) ने अपनी रिपोर्ट में दाऊद इब्राहिम को ‘भारत-आधारित’ डी-कंपनी आपराधिक गिरोह का सरगना बताया था, जिसके आतंकवाद से संबंध हैं। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए भारतीय राजनयिक ने स्पष्ट किया कि दाऊद इब्राहिम भारत का वांटेड अपराधी है और वह पाकिस्तान में छिपा हुआ है, वही देश जहां अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन मिला था और मारा गया था।
रघु पुरी ने यूएन में कहा, यह रिपोर्ट कहती है कि 2003 में डी-कंपनी को अल-कायदा से जुड़ाव के लिए सूचीबद्ध किया गया था। इस बात को संदर्भ से हटकर पेश किया गया है, जबकि सच्चाई यह है कि दाऊद इब्राहिम और उसका संगठन 1993 के मुंबई बम धमाकों से ही भारत में आतंकवाद के लिए वांटेड है। वह 2003 की लिस्टिंग से बहुत पहले ही भारत से भाग चुका था और देश के बाहर से ही अल-कायदा और ओसामा बिन लादेन के साथ मिलकर गतिविधियों को अंजाम देता रहा। भारत ने चेतावनी दी कि स्पेशल मैंडेट धारकों की ऐसी अयोग्यता और लापरवाही से संयुक्त राष्ट्र संगठन की विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुंच रहा है।
पाकिस्तान को दो टूक जवाब
इस सत्र के दौरान भारत ने पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा उठाए गए मुद्दों का भी मुंहतोड़ जवाब दिया। भारतीय राजनयिक ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तान द्वारा इस संबंध में दिया गया बयान केवल संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए फैलाई गई शुद्ध प्रोपेगैंडा है।







































