हैदराबाद: तिलक वर्मा की कप्तानी में इंडिया ए ने श्रीलंका में रविवार को ट्राई सीरीज जीती थी। उस सीरीज में तिलक के बल्ले से चार फिफ्टी निकली। वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रहे लेकिन स्ट्राइक रेट की वजह से तिलक की काफी आलोचना हुई। टूर्नामेंट में उन्होंने 75 से भी कम की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। भारत को आयरलैंड के खिलाफ 26 जून से टी20 सीरीज खेलना है। उस सीरीज में तिलक टीम के उपकप्तान भी हैं। उससे पहले तिलक वर्मा ने तूफानी शतक ठोक दिया है।
तिलक वर्मा ने 43 गेंदों पर सेंचुरी ठोकी
श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल खेलने के बाद अगले ही दिन तिलक वर्मा तेलंगाना टी20 लीग में उतरे। वह मेडक फाल्कन्स टीम का हिस्सा हैं। टूर्नामेंट के पहले ही दिन वारंगल वॉरियर्स के खिलाफ तिलक ने 136 रनों की नाबाद पारी खेली। तीसरे नंबर पर उतरे तिलक ने सिर्फ 43 गेंदों में शतक लगाया। उन्होंने अपनी पारी में 56 गेंदों का सामना किया। इस दौरान 14 चौके और 7 छक्के मारे।259 रनों का टारगेट चेज किया
मेडक फाल्कन्स के सामने जीत के लिए राजीव गांधी इंटरनेशनल स्टेडियम में 259 रनों का लक्ष्य था। पहले बैटिंग करते हुए वारंगल वॉरियर्स ने 7 विकेट पर 258 रन बना थे। टीम के लिए सलामी बल्लेबाज अमन राव के बल्ले से 142 रनों की पारी निकली। उन्होंने 48 गेंदों पर 12 चौके और 13 छक्के मारे। मुरुगन अभिषेक ने 15 गेंदों पर 32 रनों की पारी खेली। तिलक वर्मा ने गेंदबाजी में भी दो विकेट झटके। फाल्कन्स की तरप से तिलक के अलावा कोई भी बल्लेबाज 30 रनों का आंकड़े को नहीं छू पाया










































