तीसरे दिन भी जारी रही आयकर विभाग की कार्यवाही करीब 80 लोगो को नोटस भेजने की कही जा रही बात

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बालाघाट।जिले में जमीन खरीदी-बिक्री और बेनामी संपत्तियों के मामलों में आयकर विभाग की कार्रवाई ने हलचल मचा दी है। भले ही विभाग ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा हो, लेकिन इस कार्रवाई से जुड़े कई नाम अब पर्दे के पीछे से सामने आने लगे हैं।जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े बेनामी संपत्ति के इस मामले में आयकर विभाग टीम की जांच रविवार को तीसरे दिन भी जारी है। स्टेशन रोड स्थित जिला आयकर कार्यालय में जबलपुर और भोपाल से पहुंचे आयकर अधिकारी जमे रहे। बताया गया कि इस जांच में प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी भी शामिल हैं। हालांकि, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

रविवार दोपहर तक चली कार्यवाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिले में जमीन लेन-देन में गड़बड़ियों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद आयकर विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। इसी क्रम में वारासिवनी थाना क्षेत्र के ग्राम तुमाड़ी में आदिवासी संयुक्त समाज संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष गणेश कुमरे के निवास पर छापामार कार्रवाई की गई है।इस कार्रवाई में भोपाल और जबलपुर से आई संयुक्त टीम पिछले 3 दिनों तक दस्तावेजों की गहन जांच में जुटी रही। हालांकि, विभाग ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि संबंधित व्यक्ति के पास कितनी संपत्ति है और आय के स्रोत क्या हैं।जानकारी के अनुसार, ये जांच रविवार को दोपहर 02 बजे तक चली। हालांकि, रविवार को भी विभागीय अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। जिससे जांच संबंधी जानकारी व अन्य तथ्य अब तक सामने नहीं आ सके हैं। आयकर विभाग के कार्यालय के मेन गेट पर ताला लगा दिया गया है।लेकिन कुमरे के अलावा अन्य लोगो को आयकर से सम्बधित नोटिस जारी करने की बात सामने आई है।

आदिवासियों की जमीन कम दामो में खरीदकर, सामान्य में करते थे ट्रांसफर
हालांकि अभी तक कि गई जांच में कहा कहा कितनी गड़बड़िया पाई गई फिलहाल विभागीय टीम द्वारा खुलासा नही किया गया है लेकिन सूत्रों की मानें तो जिले में आदिवासी जमीनों की खरीद-फरोख्त को लेकर एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है। आरोप है कि आदिवासी वर्ग की जमीनों को कम कीमत पर खरीदकर बाद में नामांतरण के जरिए सामान्य वर्ग में ट्रांसफर कर दिया जाता है और फिर उसे ऊंचे दामों में बेचकर भारी मुनाफा कमाया जाता है।

करीब 80 लोगो को नोटिस भेजकर, मांगा हिसाब
हालांकि अभी तक यह स्पष्ठ नही हो सका कि मामला क्या है, और जांच में कहा कहा कितनी जगह गड़बड़िया मिली है।वही यह भी स्पष्ठ नही हो सका कि कितने का टैक्स जमा नही किया गया है।लेकिन सूत्रों की मानें, तो मामले में अधिकारियों ने लगभग 80 लोगों को नोटिस देकर जवाब मांगा है। इनमें प्रापर्टी ब्रोकर से लेकर जिले के राजनेताओं के नाम भी शामिल हैं। गौरतलब है कि ये पूरा मामला वारासिवनी निवासी आदिवासी समाज के गणेश नामक व्यक्ति के नाम पर करोड़ों रुपयों की जमीन की खरीफ-फरोख्त से जुड़ा है। इसमें जिले के कई राजनेताओं की संलिप्तता बताई जा रही है।

संगठित नेटवर्क सक्रिय होने की कही जा रही बात
बताया जा रहा है कि इस पूरे खेल में कुछ नेता, बिल्डर, व्यापारी और जमीन दलाल भी अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं, जो कथित रूप से स्थानीय लोगों के नाम पर जमीन खरीदकर बाद में सौदेबाजी करते हैं।
शनिवार रात आयकर कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में जमीन कारोबार से जुड़े लोगों की मौजूदगी भी इस बात की ओर इशारा करती है कि कार्रवाई की आंच अब कई अन्य लोगों तक पहुंच सकती है।हालांकि, आयकर विभाग ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद इस मामले में बड़े खुलासे हो सकते हैं।

बड़ा खुलासा होने की कही जा रही बात
सूत्रों के अनुसार, यह बड़ा और सनसनी मामला है, जिसकी पूरी जांच के बाद सामने लाया जा सकता है। इसमें जिले के प्रापर्टी ब्रोकरों ने भी मोटी रकम लगाई है। करोड़ों की संपत्ति के लेनदेन को संदिग्ध मानते हुए जांच टीम तीन दिनों से बालाघाट में डेरा डाले हुईं थी। रविवार को भी गणेश और उससे जुड़े प्रापर्टी ब्रोकरों के साथ टीम ने आयकर विभाग के बंद कमरे में पूछताछ की। बताया गया कि मामला बेनामी संपत्ति का है, जिसमें आयकर विभाग को गणेश के पास से बहुत ज्यादा संपत्ति होने की जानकारी मिली है। टीम, गणेश और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के साथ प्रापर्टी ब्रोकरों से भी पूछताछ कर रही है।

अधिकारियों ने बनाई रखी मीडिया से दूरी
इस पूरे मामले को लेकर छापामार कार्यवाही के लिए भोपाल और जबलपुर से आई आयकर विभाग की टीमें ,जमीन की खरीदी बिक्री से सम्बधित दस्तावेज लगातार खंगालते रही।वही गणेश कुमरे के साथियों का रिकार्ड सहित पैसो के लेनदेन को लेकर जांच लगातार करती रही।इस बीच पिछले 2 दिनों से आयकर विभाग कार्यालय में नगर के कई व्यापारियों, व्यक्तियों व चार्टेट अकांटेंट को चक्कर काटते देखा गया।लेकिन इस मामले को लेकर कोई भी कुछ बताने तैयार नही है।वही कार्यवाही के लिए बालाघाट पहुची आयकर विभाग की दोनो टीमो ने भी मीडिया से दूरी बनाए रखी।

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