न का इतना खौफ! तुर्की से खाने वाले ट्रक में छिपकर निकले थे ट्रंप, Air Force One की जगह मिलिट्री प्लेन से गए थे ब्रिटेन

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अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump), रोज एक से एक साहसी कहानियां सुनाते हैं, बड़े-बड़े दावे करते हैं। दुनिया की सबसे खतरनाक ओर अभेद्य सुरक्षा दस्ता जिनके साथ हमेशा रहता है, वो ईरान से इस कदर डरे कि खाने वाले ट्रक में सवार होकर छिपते हुए एक मिलिट्री प्लेन से कुछ दिनों पहले यात्रा किए थे। यह बात तब की है जब जुलाई में ट्रंप तुर्की गए थे।

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8 जुलाई को ट्रंप गए थे तुर्की

8 जुलाई को जब ट्रंप तुर्की के अंकारा पहुंचे थे, तब वो उस Air Force One में सवार थे, जो कतर ने गिफ्ट किया था। ट्रंप यहां लंबी-चौड़ी बाते किए। इसके बाद जब वहां से निकले तो अपने पुराने Air Force One में सवार होते दिखे। दुनिया को बताया गया कि ट्रंप नए नहीं पुराने विमान से तुर्की से निकले हैं। लेकिन अब जो खुलासा हुआ है, वो काफी चौंकाने वाला हैतुर्की से वापसी में सीक्रेट ऑपरेशन

The Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप अपने पुराने Air Force One से नहीं बल्कि एक छोटे से सैन्य विमान में तुर्की से ब्रिटेन के लिए निकले थे। इसके लिए एक सीक्रेट प्लान तैयार किया गया था, ताकि किसी को ट्रंप की यात्रा का पता नहीं चले। सार्वजनिक तौर पर मीडिया, पत्रकारों और यहां तक कि व्हाइट हाउस के कुछ कर्मचारियों को भी यही दिखाया गया था कि राष्ट्रपति पारंपरिक एयर फोर्स वन विमान से ब्रिटेन के लिए रवाना हो रहे हैं, जबकि असल में ट्रंप को गुप्त तरीके से एयर फोर्स C-32A विमान में ट्रांसफर कर दिया गया था।

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कैसे एयरफोर्स वन से सैन्य विमान में पहुंचे ट्रंप?

अंकारा एयरपोर्ट पर कैमरों के सामने ट्रंप ने पुराने एयर फोर्स वन विमान में प्रवेश किया, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद उन्हें विमान में खाना और अन्य सामान लोड करने वाले कैटरिंग ट्रक के जरिए गुपचुप तरीके से छोटे सैन्य विमान में ले जाया गया। इस दौरान मुख्य एयर फोर्स वन में मौजूद पत्रकारों को खिड़कियों के पर्दे बंद रखने के निर्देश दिए गए थे, जिससे उन्हें लगे कि राष्ट्रपति उन्हीं के साथ सफर कर रहे हैं। दोनों विमानों ने उड़ान भरी और ब्रिटेन के आरएएफ मिलडेनहाल बेस पर पहुंचे, जहां ट्रंप को वापस मुख्य विमान में लाकर उतारने की व्यवस्था की गई।

ईरानी हमले का था डर

इस पूरे ऑपरेशन का उद्देश्य ईरान की ओर से मंडरा रहे खतरे से राष्ट्रपति को बचाना था। व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीव चेउंग ने इस गुप्त यात्रा पर कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए हर संभव सुरक्षा उपायों का उपयोग किया जाता है।

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