मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और फर्जीवाड़े के मामले में सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने प्रत्येक डुप्लीकेट फैकल्टी पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाने के साथ ही कॉलेजों को परिसरों में 50-50 पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। राशि जमा होने के बाद ही छात्रों की परीक्षा और रिजल्ट की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।जबलपुर: मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता से जुड़े बहुचर्चित फर्जीवाड़े मामले में हाईकोर्ट ने एक बहुत बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने प्रत्येक डुप्लीकेट फैकल्टी पर कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ तीन-तीन लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट की इस सख्ती से उन तमाम कालेजों की नींद उड़ गई है, जो नियमों को ताक पर रखकर फर्जीवाड़े में लिप्त पाए गए थे।
एक महीने में जमा करना होगा जुर्माना
हाईकोर्ट के जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस बीपी शर्मा की युगलपीठ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कॉलेज प्रबंधन को जुर्माने की यह राशि एक महीने के भीतर जमा करनी होगी। अदालत के आदेश के अनुसार, प्रत्येक डुप्लीकेट फैकल्टी पर लगने वाले तीन लाख रुपये में से दो लाख रुपये एमपीएनआरसी (MPNRC) और एक लाख रुपये जुवेनाइल जस्टिस फंड में जमा कराने होंगे।निर्धारित अवधि में जुर्माने की राशि जमा करने वाले कॉलेजों को ही उपयुक्त माना जाएगा। इसके बाद ही उनके विद्यार्थियों को परीक्षाओं में शामिल होने और उनके रुके हुए रिजल्ट जारी करने की अनुमति मिलेगी।
सीबीआई जांच में सामने आया था बड़ा फर्जीवाड़े का जाल
ला स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट विशाल बघेल की तरफ से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पहले सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई की जांच में प्रदेशभर के 695 नर्सिंग कॉलेजों की पड़ताल की गई थी, जिसमें चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए। जांच में पाया गया कि सूटेबल पाए गए 119 कॉलेजों और डिफिशिएंट पाए गए 153 कॉलेजों में बड़े पैमाने पर टीचिंग फैकल्टी की डुप्लीकेसी चल रही थी। केवल 35 सूटेबल कॉलेज ऐसे थे, जहां कोई डुप्लीकेट फैकल्टी नहीं मिली।नर्सिंग कॉलेजों में डुप्लीकेट फैकल्टी मिलने पर प्रति फैकल्टी 3 लाख का जुर्माना।
जुर्माने की राशि का दो हिस्सा: 2 लाख MPNRC और 1 लाख जुवेनाइल जस्टिस फंड में जमा होगा।
कॉलेजों को अपने परिसर में लगाने होंगे 50-50 पौधे, निसर्ग ऐप पर अपलोड करनी होगी फोटो।
जुर्माना जमा करने के बाद ही छात्रों को परीक्षा और रिजल्ट की मिलेगी अनुमति।
हाईकोर्ट ने नए मान्यता प्राप्त सभी कॉलेजों का रिकॉर्ड भी तलब किया है।










































