प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने किया रेलवे ओवरब्रिज का लोकार्पण,

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जिले के बहुप्रतीक्षित गर्रा रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बने ओवरब्रिज (आरओबी) का लोकार्पण शनिवार को जिले के प्रभारी एवं प्रदेश के शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने किया। 21.68 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह ओवरब्रिज जिले के लिए विकास का नया द्वार साबित होगा और शहरवासियों को वर्षों पुरानी रेल फाटक की समस्या से राहत मिलेगी। इस दौरान उन्होंने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आमजन तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह ओवरब्रिज केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि बालाघाट जिले के विकास और सुगम यातायात की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इसके शुरू होने से हजारों नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और रेलवे फाटक बंद रहने के कारण होने वाली परेशानी समाप्त होगी। कार्यक्रम में मौजूद पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि ओवरब्रिज का निर्माण पूरी गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप किया गया है। उन्होंने मंच से उन आशंकाओं का भी जवाब दिया जो पिछले कुछ समय से ब्रिज की ऊंचाई को लेकर व्यक्त की जा रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिज की हाइट निर्धारित मानकों के अनुसार है और भारी एवं बड़े वाहनों के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

मध्य प्रदेश शासन के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री तथा बालाघाट जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने 13 जून को बालाघाट-वारासिवनी-कटंगी मुख्य मार्ग पर वैनगंगा नदी पुल के समीप रेलवे क्रॉसिंग बीके-09, किलोमीटर 1048/0-1 पर निर्मित बहुप्रतीक्षित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) का लोकार्पण किया। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना के पूर्ण होने के साथ ही ब्रिज पर वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। इसके साथ ही रेलवे की मानवयुक्त लेवल क्रॉसिंग क्रमांक बीके-09 को स्थायी रूप से बंद कर दिया जायेगा । लोकार्पण समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राजा भोज के नाम पर बने इस ओवरब्रिज के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिनंदन करते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश में विकास और अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन देखने को मिला है। बालाघाट जिला भी इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बना है। उन्होंने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग पर निर्मित यह ओवरब्रिज केवल बालाघाट जिले की जनता के लिए ही नहीं, बल्कि जिले में आने-जाने वाले हजारों यात्रियों के लिए भी सुविधा और सुरक्षा का माध्यम बनेगा। यह परियोजना यातायात को सुगम बनाने के साथ-साथ जिले के विकास के नए द्वार खोलेगी और क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगी। उन्होंने जिले के जनप्रतिनिधियों की सामंजस्यपूर्ण कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में सभी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

डबल इंजन सरकार ने विकास को दी नई रफ्तार – भारती पारधी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं सांसद भारती पारधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और बालाघाट जिला भी इस परिवर्तन का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की डबल इंजन सरकार के कारण जिले में विकास कार्यों को नई गति मिली है। बालाघाट शहर में निर्मित दो रोड ओवरब्रिज अब आमजन की सेवा में समर्पित हो चुके हैं, जबकि भटेरा मार्ग पर प्रस्तावित ओवरब्रिज के कार्य में भी जल्द तेजी आने की उम्मीद है। सांसद श्रीमती पारधी ने बताया कि बैहर रोड पर भी एक और ओवरब्रिज के निर्माण के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और उन्हें उम्मीद है कि यह मांग भी जल्द पूरी होगी। उन्होंने कहा कि कभी नक्सल गतिविधियों के लिए पहचाने जाने वाला बालाघाट जिला आज विकास की नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रयासों से जिले में नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है और बालाघाट नक्सल मुक्त जिले की दिशा में आगे बढ़ा है।

ऊंचाई को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम निराधार – गौरीशंकर बिसेन

इस अवसर पर पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने भी उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राजा भोज आरओबी के निर्माण से जिलेवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को मुक्ति मिलेगी और सभी विभागों के साथ-साथ आम नागरिकों का आवागमन भी अधिक सुगम होगा। उन्होंने कहा कि अब लोगों को रेलवे क्रॉसिंग खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। पूर्व मंत्री बिसेन ने ओवरब्रिज की ऊंचाई को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्पष्टता प्रदान की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा था कि भारी और ओवरलोड वाहन इस मार्ग से नहीं गुजर पाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। ब्रिज का डिजाइन और ऊंचाई तकनीकी मानकों के अनुरूप निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि लगभग 11 मीटर तक की ऊंचाई वाले वाहन आसानी से इस मार्ग से आवागमन कर सकेंगे और सामान्य परिवहन व्यवस्था पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा। राजा भोज आरओबी के लोकार्पण के साथ ही बालाघाट-वारासिवनी-कटंगी मार्ग पर यातायात व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। वर्षों से रेलवे फाटक पर लगने वाले जाम, लंबा इंतजार और आवागमन में होने वाली परेशानियों से अब लोगों को राहत मिलेगी। जिले के विकास की दृष्टि से यह परियोजना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जिसका लाभ आने वाले वर्षों तक क्षेत्र की जनता को मिलता रहेगा।

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